{"_id":"60997d41b361677d63783002","slug":"up-demand-to-postpone-proposed-public-hearing-on-may-17-at-new-electricity-rate","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : नई बिजली दर पर 17 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई टालने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : नई बिजली दर पर 17 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई टालने की मांग
Tue, 11 May 2021 12:06 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 11 May 2021 12:06 AM IST
सार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में चल रहे कोरोना कर्फ्यू के मद्देनजर नई बिजली दरों पर 17 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई टालने की मांग की है।
विज्ञापन
Electricity, Bulb
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में चल रहे कोरोना कर्फ्यू के मद्देनजर नई बिजली दरों पर 17 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई टालने की मांग की है। परिषद ने इस संबंध में राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है। परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियों ने अब तक वेबसाइट पर प्रस्तावित दरों का विवरण नहीं डाला है। उपभोक्ता आपत्तियां व सुझाव नहीं दे पाएंगे। ऐसे में जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं है।
विज्ञापन
आयोग में दाखिल जनहित प्रत्यावेदन में कहा गया है जब तक बिजली कंपनियां प्रस्तावित दरों का पूरा ब्योरा व अन्य सारे दस्तावेेज वेबसाइट पर लोड नहीं करतीं हैं तब तक जनसुनवाई न की जाए और इसकी तिथि आगे बढ़ा दी जाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने की तारीख से कम से कम 15 दिन का समय दिया जाए जिससे उपभोक्ता आपत्तियां व सुझाव दाखिल कर सकें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियां दरों के बारे में स्पष्ट सूचना सार्वजनिक न करके पूरा मामला आयोग पर डालने की कोशिश में हैं। नियामक आयोग को भी पता है कि प्रदेश में बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का करीब 20 हजार करोड़ रुपये निकल रहा है। इस देनदारी से बचने के लिए बिजली कंपनियां आपदाकाल में जल्द से जल्द दरों का निर्धारण कराने की साजिश में जुटी हैं। आयोग को उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जनसुनवाई टालने का निर्णय करना चाहिए।
विज्ञापन