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UP: बंजर जमीन पर भी ले लिया फसल बीमा योजना का क्लेम, बुंदेलखंड में सामने आया में करोड़ों का घपला

Tue, 16 Dec 2025 06:45 AM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 16 Dec 2025 06:45 AM IST
सार

बीमा कंपनियों, दलालों, कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कुछ लोगों से साठगांठ कर करोड़ों की धांधली की है। मामला खुलने पर 26 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, जिनमें से 19 की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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UP: Crop insurance claims were claimed even on barren land
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना में करोड़ों रुपये के घपले का मामला सामने आया है। बीमा कंपनियों, दलालों, कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कुछ लोगों से साठगांठ कर फसल बीमा के जरिये सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। मामले की पोल खुलने के बाद महोबा में 26 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, जिनमें से 19 की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि झांसी, ललितपुर, फर्रूखाबाद समेत अन्य जिलों से आई शिकायतों पर प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

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एक्सप्रेसवे के रास्ते महोबा पहुंचने पर पता चला कि यहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में करीब 40 करोड़ रुपये का गबन सामने आ चुका है। तहसील परिसर में जय जवान, जय किसान एसोसिएशन के नेता गुलाब सिंह ने सवाल उठाया कि बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य कर्मचारियों की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? साथ ही अन्य जिलों में जांच क्यों नहीं कराई जा रही है।
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खाली खेत पर 15 लाख का बीमा: महोबा के काली पहाड़ी गांव के किसान कमला प्रसाद बताते हैं कि उनके चार हेक्टेयर के खाली खेत पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अन्य लोगों ने करीब 15 लाख रुपये का बीमा क्लेम निकाल लिया।


क्लेम ले लिया, पता भी नहीं चला: झांसी पहुंचने पर सिमरधा गांव के किसान मदन मोहन सिंह राजपूत ने भी बताया कि उनके और परिवार के अन्य लोगों के खेत पर बीमा क्लेम ले लिया गया और उन्हें पता भी नहीं चला। इसके बाद डगरवाह गांव में खाता संख्या 971 राजस्व रिकॉर्ड में बंजर दर्ज है, उस पर प्रिंस गुप्ता ने 1.07 लाख रुपये का बीमा क्लेम ले लिया। गांव के अन्य मामलों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। झांसी के ही किसान अजित दावा करते हैं कि उनके यहां करीब 20 करोड़ से अधिक का घपला हुआ है, लेकिन अधिकारी मामले को दबा रहे हैं।

ललितपुर में भी करोड़ों का घपला: ललितपुर के चंदावली निवासी किसान जितेंद्र का दावा है कि उनके यहां भी क्षेत्र में फसल बीमा योजना में दो से तीन करोड़ रुपये का घपला हुआ है। किसान संगठनों का कहना है कि फसल बीमा योजना में लगभग हर जिले में घोटाला हुआ है। ऐसे में सीबीआई जांच जरूरी है ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। बांदा, चित्रकूट और जालौन के किसान नेताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

क्या कहते हैं कृषि मंत्री: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि फसल बीमा योजना में घपले का मामला गंभीर है। महोबा में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद गिरफ्तारी हो रही है। अन्य जिस जिले से शिकायतें आई हैं, वहां जांच चल रही है। यह मामला किसान और बीमा कंपनियों के बीच का है। फिर भी विभाग पूरी सक्रियता से लगा है। हर दोषी पर कार्रवाई होगी।

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