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यूपी: सीएम योगी ने दिए दिशा-निर्देश- सतत रूप से हो जीनोम सीक्वेसिंग, अस्पताल बनाए जाएं सुविधा संपन्न
Sat, 25 Dec 2021 02:24 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 25 Dec 2021 02:24 PM IST
सार
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज टीम-9 की बैठक में कोरोना से लड़ने के लिए और जरूरी इंतजाम करने के लिए कई दिशा-निर्देश दिए हैं...
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फाइल फोटो
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विस्तार
पूरे देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एक बार फिर टीम-9 की बैठक की और सीएम ने प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही ओमिक्रॉन को लेकर भी कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जानिए क्या दिए गए हैं निर्देश...
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- कोविड से बचाव के लिए ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 97 हजार 506 सैम्पल की जांच में कुल 38 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 20 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 282 है, जबकि 16 लाख 87 हजार 677 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं।
- देश के विभिन्न राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। विगत दिवस आई जीनोम सीक्वेसिंग रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में एक संक्रमित में ओमीक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। हालांकि यह संतोषप्रद है कि वह भी अब कोविड निगेटिव हो चुके हैं, साथ ही इनके सभी 13 प्राइमरी और 70 सेकेंडरी कॉन्टैक्ट की आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इन सभी के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। जीनोम सीक्वेसिंग का कार्य सतत जारी रखा जाए। वर्तमान में प्रदेश में ओमिक्रॉन का एक भी एक्टिव केस नहीं है।
- देश के किसी भी राज्य से अथवा विदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग/टेस्टिंग की जाए। बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव करें। गांव-वार्डों में बाहर से आने वाले हर एक व्यक्ति की टेस्टिंग कराएं। उनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकतानुसार लोगों को क्वारन्टीन कर मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए।
- भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत अभियान चलाकर प्रदेश के अस्पतालों को सुविधा संपन्न बनाया गया है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से काफी प्रयास हुए हैं। कोविड के बढ़ते केस के बीच सभी संसाधनों की सूक्ष्मता से पड़ताल कर ली जाए। वेंटिलेटर, नीकू, पीकू की संख्या आवश्यकतानुसार और बढ़ाया जाए। अब तक 551 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए कम से कम तीन कार्मिकों की तैनाती की जाए। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर 24×7 एक्टिव मोड में रखे जाएं।
- कोविड संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू किया जा रहा है। हर दिन रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाए। पुलिस बल लगातार गश्त करे। रात्रि में संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के कार्मिकों को आवागमन की छूट दी जाए।
- आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी जीवनरक्षक दवा का अभाव न हो। इस संबंध में समीक्षा कर समय से आपूर्ति सुनिश्चित करा ली जाए।
- बाजारों में "मास्क नहीं तो सामान नहीं" के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करें। बिना मास्क कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान न दे। पुलिस बल लगातार गश्त करे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। सड़कों/बाजारों में निकलने के लिए प्रत्येक दशा में मास्क लगाया जाना अनिवार्य किया जाए।
- 19 करोड़ 29 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 18 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 82 लाख से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 47 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 85 फीसदी को पहली और 46 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है।
- राज्य सरकार सभी शासकीय, अर्धशासकीय, संविदा तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हित संरक्षण के लिए संकल्पित है। इस दिशा में अनेक प्रयास किये गए हैं। कर्मचारियों की समस्या समाधान के लिए उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं। सभी से संवाद कर उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाए। समस्त विभागीय अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्मिकों से सतत संवाद करते रहें। कर्मचारियों की समस्याओं पर त्वरित निर्णय लें। अनावश्यक विलंब न किया जाए।
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