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यूपी: हाईकोर्ट पहुंचा चाइनीज मांझे का मामला, कोर्ट ने पीएमओ समेत राज्य सरकार से किया जवाब-तलब
Fri, 20 Dec 2024 07:51 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 20 Dec 2024 07:51 AM IST
सार
Chinese manjha case: चीनी मांझे से हो रहीं दुर्घटनाओं पर दाखिल की गई पीआईएल पर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने पीएमओ सहित राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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चाइनीज मांझे से हो रही हैं कई घटनाएं।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
चीनी मांझे के अवैध आयात और प्रदेश में बिक्री को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पीएमओ, राज्य सरकार समेत संबंधित विभागों से जवाब तलब किया। अदालत ने तीन सितंबर को इस मामले में दिए गए आदेश के पालन के लिए एक और मौका दिया। इस आदेश में अदालत ने अमर उजाला में 26 अगस्त को प्रकाशित खबर को रिकार्ड में लिया था।
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मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने मोती लाल यादव की जनहित याचिका पर गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को नियत की है।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर तीन सितंबर को आदेश पारित किया था। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने पीएमओ, राज्य सरकार समेत अन्य प्रतिवादी की प्रार्थना पर तीन सितंबर के आदेश पर आवश्यक कार्रवाई के लिए एक और मौका दिया।
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लखनऊ पीठ की खंडपीठ ने तीन सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षकों से चीनी मांझे पर की गई कार्रवाई पर हलफनामा पेश करने का आदेश दिया था। साथ ही गृह विभाग और पर्यावरण विभाग उप्र से चीनी मांझे पर की गई कार्रवाई की प्रक्रिया के संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा था। अदालत ने भारत सरकार से इस संबंध में जानकारी मांगी थी कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में यह मामला लंबित है या नहीं।