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यूपी: प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगा एआई और रोबोटिक्स का प्रशिक्षण, बनेंगी विशेष तरह की लैब
Sat, 23 May 2026 08:04 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 23 May 2026 08:04 PM IST
सार
AI training: यूपी में कक्षा 9 से 12वीं तक के बच्चों को एआई और रोबोटिक्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विशेष तरह की लैब बनाई जाएंगी।
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प्रदेश में बनेंगी एआई लैब। डेमो पिक।
विस्तार
प्रदेश में स्कूली शिक्षा को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग व समग्र शिक्षा द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में नेल्को लिमिटेड (टाटा इंटरप्राइज) व औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू किया गया। नेल्को प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक डिज़ाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (ड्रीम लैब) की स्थापना करेगी।
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बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की उपस्थिति में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी व नेल्को प्रतिनिधियों ने एमओयू किया। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 600 विद्यालयों (150 हब व 450 स्पोक) को शामिल किया गया है। पहले चरण में 18 हब व 54 स्पोक विद्यालय, दूसरे चरण में 36 हब व 108 स्पोक विद्यालय तथा तीसरे चरण में 96 हब व 288 स्पोक विद्यालय में ड्रीम लैब स्थापित की जाएगी।
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इन ड्रीम लैब को आधुनिक नवाचार एवं कौशल विकास केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण, बैटरी चालित विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी व डिज़ाइन थिंकिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) तथा स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमिता कौशल विकसित करना है, ताकि वे भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
कार्यक्रम में यास्कावा, मास्टरकैम, 3 डी सिस्टम्स, अज्नालेंस, एसीई माइक्रोमैटिक सहित विभिन्न वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बताया। कार्यक्रम में अपर शिक्षा निदेशक व्यावसायिक शिक्षा सुरेन्द्र कुमार तिवारी तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय आदि उपस्थित थे।
पांच साल की होगी साझेदारी
इस परियोजना में पांच साल की साझेदारी होगी। नेल्को लिमिटेड के नेतृत्व में औद्योगिक समूह द्वारा अत्याधुनिक मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर व रखरखाव सहयोग किया जाएगा। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ शिक्षकों का क्षमता निर्माण भी किया जाएगा। ताकि यह मॉडल दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।