यूपी: तीन हजार करोड़ की लागत से बनेंगी 36 सड़कें, मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी
यूपी में तीन हजार करोड़ की लागत से 36 सड़कें बनेंगी। व्यय वित्त समिति से मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़कों को चाक-चौबंद रखने के लिए बड़े पैमाने पर काम कराए जाने का फैसला किया है। इसके तहत अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुईं व्यय वित्त समिति की दो बैठकों में 36 सड़कों के निर्माण के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग इन सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
व्यय वित्त समिति की बैठक में स्वीकृत सड़कों की लागत 25 करोड़ रुपये से लेकर 665 करोड़ रुपये तक है। व्यय वित्त समिति से स्वीकृत 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को अब कैबिनेट के सामने स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
21 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली
10 सितंबर को हुई समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी की 21 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनमें सीतापुर की दो, मीरजापुर की एक, देवरिया की दो, महाराजगंज की एक, सोनभद्र की पांच, बांदा की एक, वाराणसी की एक, चित्रकूट की दो, झांसी की एक, लखनऊ की दो, लखीमपुर खीरी की एक और संभल जिले की एक सड़क शामिल है।
इसी तरह 17 सितंबर की बैठक में गोरखपुर की तीन, गोंडा की छह, एटा की एक, सीतापुर की एक, सोनभद्र की एक, देवरिया की एक और वाराणसी जिले की दो सड़क परियोजनाओं को समिति ने स्वीकृति दी। सड़क परियोजनाओं के साथ ही 10 सितंबर की बैठक में मेडिसिन स्टोर व कूलिंग रूम सहित चार पशु चिकित्सालय, एक ब्लाक स्तरीय पशु चिकित्सालय और एक प्राइमरी पशु चिकित्सालय के निर्माण की परियोजना को भी वित्तीय स्वीकृति दी गई।
10 परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय स्वीकृति
फर्रुखाबाद में जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों और मथुरा व सोनभद्र में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के तहत कानपुर देहात, प्रयागराज, फतेहपुर, हमीरपुर और झांसी में बीडा के विकास से संबंधित 10 परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई।