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यूपी: 3.13 करोड़ के गबन में भातखंडे की पूर्व कुलपति श्रुति समेत 18 के खिलाफ चार्जशीट, सीआईडी ने की थी जांच
Wed, 18 Jun 2025 09:22 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 18 Jun 2025 09:22 PM IST
सार
Bhatkhande University: शासन ने इस प्रकरण की जांच जनवरी, 2024 में सीआईडी के सुपुर्द कर दी थी। सीआईडी की जांच में पूरा मामला सामने आया है।
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भातखंडे संगीत संस्थान
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर श्रुति सडोलीकर काटकर, तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी समेत छह कर्मी और 12 फर्में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच में 3.31 करोड़ रुपये के गबन के दोषी पाई गई हैं। सभी के खिलाफ सीआईडी ने अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया है। इस प्रकरण की जांच राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर हुई थी, जिसके बाद 5 मार्च 2021 को तत्कालीन कुलसचिव डॉ. लवकुश द्विवेदी ने कैसरबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं, शासन ने इस प्रकरण की जांच जनवरी, 2024 में सीआईडी के सुपुर्द कर दी थी। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति श्रुति सडोलीकर काटकर, तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी और बजट जारी करने वाले कर्मियों ने शासन के नियमों की अवहेलना की और 12 फर्मों के साथ मिलीभगत कर 3,31,13,607 रुपये की वित्तीय अनियमितता की। सीआईडी ने जांच के दौरान सभी आरोपियों आदि के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी सुबूत भी जुटाए हैं, जिसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
बिना टेंडर काम कराने का लगा था आरोप
बता दें कि कुलसचिव द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में तत्कालीन कुलपति और विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों को नामजद किया गया था। एफआईआर के मुताबिक कुलपति श्रुति सडोलीकर व अन्य कर्मचारियों ने मनचाही कंपनियों को बिना टेंडर काम देने के बाद भुगतान किया था। वर्ष 2017-18 में बिना टेंडर कराए एक ही तरह के काम ऊषा एसोसिएट्स फर्म को दिए, जिसका 2,17,085, 1,44,000 और 2,21,790 का भुगतान कर दिया गया। वहीं, कला मंडपम के निर्माण में बिना टेंडर 3.08 करोड़ के काम का अनुमोदन किया गया। इसी तरह एक्यूरेट इंजीनियरिंग को बिना टेंडर 23,91,103 रुपये भुगतान की स्वीकृति प्रदान की। इसी तरह अन्य कंपनियों को भी दो साल में करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कला मंडपम में प्रेक्षागृह निर्माण, बिजली विभाग से लोड बढ़ाने, एसी, जनरेटर, लाइट के कार्य भी बिना टेंडर के कराए गए थे। बता दें कि इन वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद कुलपति को बर्खास्त कर दिया गया था।
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इन फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र
मेसर्स अंजली ट्रेडर्स, पुण्य इंटरप्राइजेज, ऊषा एसोसिएट्स, भागीदार इंडियन फायर सर्विस इंटरप्राइजेज, साईं कृपा ट्रेडिंग कारपोरेशन, एक्यूरेट इंजीनियरिंग, एपेक्स कूलिंग सर्विस, शर्मा रेफ्रिजरेशन, विशाल बिल्डर्स, एचए ट्रेडर्स, वर्मा इलेक्टि्रकल्स और बीआर इंटरप्राइजेज।
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वहीं, शासन ने इस प्रकरण की जांच जनवरी, 2024 में सीआईडी के सुपुर्द कर दी थी। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति श्रुति सडोलीकर काटकर, तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी और बजट जारी करने वाले कर्मियों ने शासन के नियमों की अवहेलना की और 12 फर्मों के साथ मिलीभगत कर 3,31,13,607 रुपये की वित्तीय अनियमितता की। सीआईडी ने जांच के दौरान सभी आरोपियों आदि के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी सुबूत भी जुटाए हैं, जिसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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बिना टेंडर काम कराने का लगा था आरोप
बता दें कि कुलसचिव द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में तत्कालीन कुलपति और विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों को नामजद किया गया था। एफआईआर के मुताबिक कुलपति श्रुति सडोलीकर व अन्य कर्मचारियों ने मनचाही कंपनियों को बिना टेंडर काम देने के बाद भुगतान किया था। वर्ष 2017-18 में बिना टेंडर कराए एक ही तरह के काम ऊषा एसोसिएट्स फर्म को दिए, जिसका 2,17,085, 1,44,000 और 2,21,790 का भुगतान कर दिया गया। वहीं, कला मंडपम के निर्माण में बिना टेंडर 3.08 करोड़ के काम का अनुमोदन किया गया। इसी तरह एक्यूरेट इंजीनियरिंग को बिना टेंडर 23,91,103 रुपये भुगतान की स्वीकृति प्रदान की। इसी तरह अन्य कंपनियों को भी दो साल में करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कला मंडपम में प्रेक्षागृह निर्माण, बिजली विभाग से लोड बढ़ाने, एसी, जनरेटर, लाइट के कार्य भी बिना टेंडर के कराए गए थे। बता दें कि इन वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद कुलपति को बर्खास्त कर दिया गया था।
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इन फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र
मेसर्स अंजली ट्रेडर्स, पुण्य इंटरप्राइजेज, ऊषा एसोसिएट्स, भागीदार इंडियन फायर सर्विस इंटरप्राइजेज, साईं कृपा ट्रेडिंग कारपोरेशन, एक्यूरेट इंजीनियरिंग, एपेक्स कूलिंग सर्विस, शर्मा रेफ्रिजरेशन, विशाल बिल्डर्स, एचए ट्रेडर्स, वर्मा इलेक्टि्रकल्स और बीआर इंटरप्राइजेज।