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यूपी: पंजाब में हुई बंपर पैदावार ने प्रदेश में गिराए नए आलू के दाम, 500 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरा रेट

Sun, 17 Dec 2023 10:21 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 17 Dec 2023 10:21 AM IST
सार

कन्नौज के किसान शेर सिंह, फर्रुखाबाद के कमालगंज निवासी पंकज वर्मा बताते हैं कि बोआई के समय 600 रुपये क्विंटल आलू का बीज था। सिंचाई, बोआई और खाद का खर्च अलग से लगा। अब आलू की लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।

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UP: Bumper production in Punjab brought down the prices of new potatoes
सब्जीमंडी में आया नया आलू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में नया आलू किसानों के आंसू निकाल रहा है। हालत यह है कि शनिवार को नए आलू का भाव गिरकर 500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। ऐसे में किसानों को जबरदस्त झटका लगा है। इसकी बड़ी वजह पंजाब में आलू की बंपर पैदावार बताई जा रही है। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में पंजाब के आलू ने कब्जा जमा लिया है। ऐसे में अब यहां के आलू के खरीददार नहीं मिल रहे हैं।

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प्रदेश में कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद, आगरा सहित करीब 12 जिले आलू बेल्ट के रूप में पहचाने जाते हैं। इस इलाके के किसान अगेती और पिछेती दोनों किस्म के आलू बोते हैं। इन दिनों अगेती आलू की खोदाई चल रही है। प्रदेश में हर साल पैदा होने वाले करीब ढाई से तीन लाख क्विंटल आलू में 70 से 80 हजार क्विंटल अगेती फसल के रूप में पैदा होता है। दिसंबर के पहले सप्ताह से आलू मंडी में आना शुरू हुआ और हर दिन भाव में गिरावट हुई। शनिवार को फर्रुखाबाद और आगरा की मंडी में 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल नया आलू बिका है।
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कन्नौज के किसान शेर सिंह, फर्रुखाबाद के कमालगंज निवासी पंकज वर्मा बताते हैं कि बोआई के समय 600 रुपये क्विंटल आलू का बीज था। सिंचाई, बोआई और खाद का खर्च अलग से लगा। अब आलू की लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है। पक्के सीजन में जहां एक एकड़ में 40 क्विंटल पैदावार होती है, वहीं कच्चे सीजन (अगेती) में 10 से 15 क्विंटल पैदावार होती है। आलू के आढ़ती रिंकू वर्मा ने बताया कि हर साल राजस्थान, मध्य प्रदेश से भी मांग आती थी। नए आलू का सीजन आते ही रैक के जरिए पश्चिम बंगाल, असम में भी आलू भेजने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वर्ष अभी तक इन राज्यों से मांग नहीं आई है। राजस्थान में पंजाब का आलू पहुंच रहा है। ऐसे में किसान और आढ़ती सभी का नुकसान हो रहा है।
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स्टोर में अभी भी पड़ा है पुराना आलू
प्रदेश में करीब 198 कोल्ड स्टोर हैं। इसमें 2.45 लाख क्विंटल आलू का भंडारण किया गया था। अभी भी दो से पांच फीसदी पुराना आलू कोल्ड स्टोर में ही पड़ा हुआ है। ऐसे में नए आलू को भाव मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है। तमाम किसानों ने कोल्ड स्टोर में आलू छोड़ दिया है। कोल्ड स्टोर मालिक फुटकर विक्रेताओं को मुफ्त में आलू निकालने के लिए बुला रहे हैं।

अचानक हुई गिरावट 
अगेती आलू की पैदावार अच्छी हुई है, मौसम साफ है। ऐसे में किसान लगातार खोदाई कर रहे हैं। इस वजह से भाव में अचानक गिरावट आ गई है। कुछ राज्यों से बातचीत की जा रही है, ताकि यहां का आलू वहां भेजा जा सके।- अतुल कुमार सिंह, निदेशक उद्यान।


अगेती आलू के भाव में जिस तरह से गिरावट हो रही है, उससे कोल्ड स्टोर संचालक भी परेशान हैं। वे पुराने आलू की फजीहत से उबरे नहीं है। ऐसे में आगे का व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका है। - मनोज दुबे, राज्य सदस्य कोल्ड स्टोर संचालक एसोसिएशन।


 

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