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UP: 'डकैती, लूट, हत्या, फिरौती के लिए अपहरण', बजट में अपराध पर क्या बोली योगी सरकार; कानून-व्यवस्था के आंकड़े
Wed, 11 Feb 2026 01:35 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:35 PM IST
सार
यूपी विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो। साथ ही दावा किया है कि सरकार के कठोर प्रयासों के चलते प्रदेश में अपराध की स्थिति में कमी दर्ज की गई है।
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UP Budget 2026
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर प्रदेश में जनसामान्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। दावा है कि कठोर प्रयासों के चलते प्रदेश में अपराध की स्थिति में कमी दर्ज की गई है। साल 2016 के मुकाबले डकैती में 89 फीसदी, लूट में 85 प्रतिशत, हत्या में 47%, बलवा में 70 फीसदी और फिरौती के लिए अपहरण में 62% की कमी आई है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी का दावा सरकार ने किया है। साल 2016 की तुलना में हत्या में 48 फीसदी, दहेज मृत्यु में 19 प्रतिशत, दुष्कर्म में 67 फीसद और शील भंग के मामलों में 34% की गिरावट दर्ज की गई है।
सरकार का दावा है कि अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या में 43 फीसदी, आगजनी में 94 प्रतिशत, दुष्कर्म में 32% और गंभीर चोट के मामलों में 10% की कमी दर्ज की गई है।
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महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी का दावा सरकार ने किया है। साल 2016 की तुलना में हत्या में 48 फीसदी, दहेज मृत्यु में 19 प्रतिशत, दुष्कर्म में 67 फीसद और शील भंग के मामलों में 34% की गिरावट दर्ज की गई है।
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सरकार का दावा है कि अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या में 43 फीसदी, आगजनी में 94 प्रतिशत, दुष्कर्म में 32% और गंभीर चोट के मामलों में 10% की कमी दर्ज की गई है।
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कानून व्यवस्था पर सरकार दिखी सजग
- जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- प्रदेश में जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा कठोर प्रयास किये जा रहे हैं जिसके फलस्वरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है।
- वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती, लूट, हत्या, बलवा और फिरौती के लिये अपहरण के मामलों में क्रमशः 89 प्रतिशत, 85 प्रतिशत, 47 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 62 प्रतिशत की कमी हुयी है।
- महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या, दहेज, मृत्यु, बलात्कार और शील भंग के मामलों में क्रमशः 48 प्रतिशत, 19 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 34 प्रतिशत की कमी आयी है।
- अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न संबंधी अपराधों में 2016 के मुकाबले हत्या, आगजनी, बलात्कार, गम्भीर चोट के मामलों में क्रमशः 43 प्रतिशत, 94 प्रतिशत, 32 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की कमी आयी है।
- पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 1374 करोड़ रूपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 1243 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिये 346 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- अग्निशमन केन्द्रों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्थ, नवनिर्मित केन्द्रों को पूर्ण से क्रियाशील बनाने हेतु 190 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र.भमण हेतु वाहनों के क्रय हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये) है, जो वित्तीय वर्ष 20252026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
- शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।
- 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।
- राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋण जीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।