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यूपी बोर्ड : अंक सुधारने की परीक्षा रोकने की पीआईएल खारिज, 18 सितंबर से 6 अक्तूबर तक होने वाली परीक्षा का रास्ता साफ
Thu, 16 Sep 2021 12:48 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 16 Sep 2021 12:48 AM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी बोर्ड में अंक सुधारने की परीक्षा को रोकने के आग्रह वाली जनहित याचिका (पीआईएल) को मेरिट विहीन करार देकर खारिज कर दिया।
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उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी बोर्ड में अंक सुधारने की परीक्षा को रोकने के आग्रह वाली जनहित याचिका (पीआईएल) को मेरिट विहीन करार देकर खारिज कर दिया। इसमें कोरोना की वजह से हुई प्री बोर्ड परीक्षा नीति के तहत असंतुष्ट और अंक सुधार परीक्षा देने के इच्छुक विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का मौका देने संबंधी शासनादेशों को चुनौती दी गई थी। यह परीक्षा 18 सितंबर से 6 अक्तूबर तक होनी है। कोर्ट के आदेश के बाद इस परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है।
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न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने यह फैसला रितिक शुक्ल की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि इस परीक्षा को कराया जाना उन विद्यार्थियों के साथ विभेदकारी होगा, जो प्री बोर्ड परीक्षा नीति के तहत उत्तीर्ण हुए हैं।
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उधर, याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी की दलील थी कि याचिका किसी विद्यार्थी ने नहीं दायर की है। याची कांग्रेस पार्टी का संगठन एनएसयूआई में ललितपुर का जिलाध्यक्ष है। ऐसे में यह याचिका छात्रहित के बजाय राजनीति से प्रेरित है। साथ ही किसी विद्यार्थी ने बीते 20 जून की परीक्षा नीति को चुनौती नहीं दिया है, न ही परीक्षा को पूर्वाग्रह ग्रस्त व विभेदकारी कहा है। परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कराई जा रही है। इसके लिए हजारों विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। ऐसे में यह याचिका खारिज करने योग्य है। अदालत ने इसके मद्देनजर याचिका खारिज कर दी।
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