यूपी: ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने उठायी मांग, कहा- धार्मिक जुलूसों के दौरान मस्जिदों की सुरक्षा करे सरकार
All India Personal Law Board:बोर्ड अध्यक्ष ने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह हमारी पीढ़ियों की अमानत है।
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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक में उलमा ने धार्मिक जुलूसों के दौरान मस्जिदों की सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने और धार्मिक विवादों पर रोक लगाने के लिए पूजा स्थल अधिनियम का सख्ती से पालन करने की मांग की। बैठक में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, इस्राइल-फलस्तीन युद्ध और सीरिया में राजनीतिक बदलाव पर भी चर्चा हुई।
बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेहंदी की अध्यक्षता में नक्खास स्थित शिया डिग्री कॉलेज में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मस्जिदें सिर्फ इबादतगाह ही नहीं हैं, बल्कि हमारे धर्म और संस्कृति का प्रतीक भी हैं। इनका अनादर हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। हाल के दिनों में मस्जिदों को निशाना बनाने के मामले देश की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि कानून का पालन कराते हुए मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। जुलूस निकालने की स्वतंत्रता सबको है, लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि एक दशक में असामाजिक तत्वों ने मस्जिदों की दीवारों पर पत्थरबाजी, अपमानजनक टिप्पणियां और मस्जिद के सामने भड़काऊ भाषण देने का चलन बढ़ा है। ऐसी हरकतें करने वाले संगठनों और कट्टरपंथियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जेपीसी वक्फ से जुड़े लोगों से नहीं ले रहा राय
बोर्ड अध्यक्ष ने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह हमारी पीढ़ियों की अमानत है। इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जेपीसी उन संगठनों से राय ले रही है जिसका वक्फ से कोई मतलब नहीं है।
सीरिया के हालात पर चिंता
बोर्ड ने इस्राइल और फलस्तीन युद्ध और सीरिया में हुए राजनीतिक बदलाव पर चिंता जाहिर करते हुए गाजा में नरसंहार को तुरंत रोकने की मांग की। मौलाना यासूब ने कहा कि सीरिया में अल्पसंख्यकों, विशेषकर शिया समुदाय और उनके पवित्र स्थलों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ और मानवाधिकार संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वो सीरिया के पवित्र स्थल हजरत जैनब और हजरत सकीना के रौजों और वहां के शिया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करें। बैठक में मौलाना जहीर अब्बास, मौलाना डॉ. अनवर हुसैन रिजवी, मौलाना जाफर अब्बास, मौलाना एजाज अतहर, मौलाना सैयद इंतिजाम हैदर रिजवी, मौलाना मूसा रिजवी आदि शामिल हुए।