UP: महिला आरक्षण बिल पर अजय राय का पहला बयान, बोले-कांग्रेस लाई थी प्रस्ताव, नोएडा मामले में सरकार विफल
महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए और इसे पहले लाने का दावा किया गया। नोएडा मामले में सरकार को विफल बताते हुए श्रमिकों को आर्थिक मदद की मांग की गई। साथ ही ब्राह्मण समाज के मुद्दे और गैस सिलेंडर की कमी को लेकर भी सरकार की आलोचना की गई।
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लखनऊ में अजय राय ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले कांग्रेस ही यह बिल लेकर आई थी और यदि भाजपा की मंशा साफ होती तो इसे 2014 में ही लागू कर दिया जाता। साथ ही उन्होंने नोएडा मामले में सरकार को विफल बताते हुए श्रमिकों को 25 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। अजय राय ने कहा कि सरकार को श्रमिकों के हितों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और तत्काल राहत प्रदान करनी चाहिए।
वहीं, अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने जिससे शादी की, उनका भी ध्यान नहीं रखा। ऐसे में उनके मुंह से महिला सम्मान स्वाभिमान की बात करना शोभा नहीं देती है।
कानपुर में कही ये बात
कानपुर में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा था कि उप्र सरकार ब्राह्मणों को निशान बना रही है। पहले एक फिल्म के जरिये और अब सरकारी दस्तावेज यानी एसआई की भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र में ब्राह्मणों को अवसरवादी बताकर। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है।
कहा कि कांग्रेस पार्टी ब्राह्मणों को साथ है। जाजमऊ में आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में उन्होंने कहा कि वह स्वयं भूमिहार ब्राह्मण हैं। उनकी पार्टी के अपने पूरे कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में छह ब्राह्मण मुख्यमंत्री दिए हैं। प्रदेश में गैस सिलिंडर की किल्लत पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में लोग परेशान हैं। इसकी वजह से वाराणसी में अन्नपूर्णा रसोई बंद हो गई और अयोध्या की सीता रसोई का संचालन भी संकट है।