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यूपी: सीतापुर में टंकी गिरने के मामले में एई-जेई बर्खास्त, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट; जांच के लिए बनाई कमेटी
Thu, 29 May 2025 08:52 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 29 May 2025 08:52 PM IST
सार
Water tank collapsed in Sitapur: यूपी के सीतापुर जिले में एक पानी की टंकी गिरने से हंगामा मच गया। इस मामले में शासन ने राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) को बर्खास्त कर दिया है।
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सीतापुर में गिरी पानी की टंकी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सीतापुर में पानी की टंकी गिरने के मामले में सरकार ने राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता, संबंधित सहायक अभियंता और जेई के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टंकी बना रही निर्माण एजेंसी टीपीआई और काम की गुणवत्ता परखने वाली थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करते हुए निर्माण एजेंसी पर 5 प्रतिशत लिक्विडेटेड डैमेज पेनाल्टी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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बता दें कि बीते दिनों सीतापुर में विकास खंड पहला की बेहमा चुनका पेयजल योजना के तहत निर्माणाधीन टैंक गिर गया था। इस पर शासन ने मामले की जांच कराई थी, जिसमें राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अभियंताओं के साथ ही जल निगम (ग्रामीण) की लापरवाही उजागर हुई थी। इसके आधार पर कई अभियंताओं के साथ ही निर्माण एजेंसी और गुणवत्ता परखने वाली एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
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जांच के लिए बनाई गई कमेटी
अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मामले की प्रारंभिक जांच के लिए शासन ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें जल निगम (ग्रामीण) के मुख्य अभियंता, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के एक मुख्य अभियंता और एक अधीक्षण अभियंता रहेंगे। कमेटी को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
16,000 से ज्यादा टंकियों का हो चुका है परीक्षण
प्रदेश में अभी तक जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत 16,000 से अधिक टंकियों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। इनमें से पांच टंकियों के निर्माण की गुणवत्ता खराब होने की वजह से क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली थी। इस आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है।
Sitapur: अचानक भरभरा कर ढह गई पानी की टंकी, पांच करोड़ 31 लाख रुपये में हुआ था निर्माण
16,000 से ज्यादा टंकियों का हो चुका है परीक्षण
प्रदेश में अभी तक जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत 16,000 से अधिक टंकियों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। इनमें से पांच टंकियों के निर्माण की गुणवत्ता खराब होने की वजह से क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली थी। इस आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है।