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यूपी: डीजीएमई की कुर्सी पर आईएएस नहीं डॉक्टर होंगे तैनात, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

Fri, 04 Sep 2026 09:14 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 04 Sep 2026 09:14 AM IST
सार

चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद पर अब आईएएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ चिकित्सक प्रधानाचार्य की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सात नियमित प्रधानाचार्यों की अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी कर सात दिन में आपत्तियां मांगी हैं। यह प्रक्रिया न्यायालय के कड़े रुख के बाद शुरू हुई है।

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UP: A doctor, not an IAS officer, to be appointed as DGME; Medical Education Department releases seniority lis
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीएमई) बनाने की प्रकिया शुरू कर दिया है। बुधवार को प्रधानाचार्यो की वरिष्ठता सूची जारी कर उनसे सात दिन में आपत्ति मांगी है।

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प्रदेश में डीजीएमई पद पर राजकीय मेडिकल कालेज के उस प्रधानाचार्य को प्रोन्नति देकर तैनात करने का नियम है, जो आयोग से चयनित हो और वरिष्ठतम हो। वर्ष 2023 में नियमावली में बदलाव किया गया। व्यवस्था दी गई कि प्रधानाचार्य के न होने की स्थिति में आईएएस को तैनात किया जाए। लेकिन वह सचिव रैंक से कम न हो।
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इस बीच शासन की ओर से लगातार इस पद पर आईएएस की तैनाती है। प्रधानाचार्यों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। मांग की कि उनकी प्रोन्नति की जाए और डीजीएमई पद पर तैनाती की जाए। हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि प्रधानाचार्यो की सुनवाई किए बिना इस पद पर आईएएस की तैनाती न की जाए। इसके बाद भी इस पद पर आईएएस नेहा शर्मा को तैनात कर दिया गया।
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प्रधानाचार्यों ने अवमानना याचिका दायर की। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रधानाचार्यो की सुनवाई की जाए अन्यथा मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, नियुक्त एवं कार्मिक विभाग के मुख्य सचिव और डीजीएमई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा। इस आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग बैकफुट पर आया।

कई दौर की बैठक के बाद दो सितंबर को प्रधानाचार्यो को प्रोन्नति कर डीजीएमई पर पर तैनाती की प्रकिया शुरु करने के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को डीजीएमई नेहा शर्मा ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्य की वरिष्ठता सूची जारी की। सभी प्रधानाचार्यो को भेजे आदेश में कहा गया है कि यह अंतरिम सूची है। इसमें किसी को आपत्ति हो तो सात दिन ने दर्ज कराए।

सात प्रधानाचार्य हैं कार्यरत

उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अध्यापकों की सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2005 के नियम-5 (4) में विहित व्यवस्था के अनुसार प्रधानाचार्य का पद सीधी भर्ती का पद है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में स्थापित 13 राजकीय मेडिकल कालेजों हेतु प्रधानाचार्य के सृजित 13 पदों के सापेक्ष वर्तमान में 07 नियमित प्रधानाचार्य कार्यरत है। 

जारी आदेश में कहा गया है कि अनन्तिम ज्येष्ठता सूची के विरुद्ध अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करना चाहते हैं तो वह अपना लिखित प्रत्यावेदन आदेश जारी होने की तिथि से 07 दिन के अन्दर शासन को उपलब्ध कराएं। यदि निर्धारित अवधि में संबंधित प्रधानाचार्यों का प्रत्यावेदन प्राप्त नहीं होता है तो यह मान लिया जायेगा कि इस संबंध में उन्हें कुछ नहीं कहना है तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उक्त अनन्तिम ज्येष्ठता सूची के अन्तिमीकरण की कार्यवाही की जायेगी।
 

ये है वरिष्ठ सूची

 

प्रधानाचार्य का नाम मेडिकल कॉलेज का नाम
डाॅक्टर मुकेश यादव आंबेडकर नगर
डाॅक्टर रमेश चन्द्र गुप्ता मेरठ
डाॅक्टर अरविन्द त्रिवेदी जालौन
डाॅक्टर संजय काला कानपुर
डाॅक्टर सुधीर राठी सहारनपुर
डाॅक्टरशिव कुमार बदायूं
डाॅक्टर धर्मेंद्र कुमार गोरखपुर

 

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