यूपी: समग्र शिक्षा में संविदा कर्मियों के मानदेय में 25 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी, 2026-27 के लिए बजट अनुमोदित
उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत सेवा प्रदाता कर्मचारियों के मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने स्वीकृत बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, प्रयोगशालाओं, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया।
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मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत कार्ययोजना व बजट के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में राज्य परियोजना कार्यालय तथा समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) और समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन कार्मिकों के मानदेय में वर्ष 2020 के बाद से कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
यूनिफॉर्म के लिए मिली राशि का उसी मद में हो उपयोग
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभिभावकों को प्रेरित किया जाए कि यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से दी जा रही धनराशि का इस्तेमाल यूनिफॉर्म खरीदने में ही करें। विद्यार्थियों को निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का नियमित अनुश्रवण करने तथा उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में उपलब्ध उपकरणों और अन्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर भी जोर दिया।
पढ़ाई के साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर जोर
एसपी गोयल ने कहा कि पठन-पाठन के साथ विद्यार्थियों के खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने शासकीय विद्यालयों की भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की प्रयोगशालाओं में पर्याप्त आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने और विद्यार्थियों से उनका प्रभावी उपयोग कराने के निर्देश दिए।
2026-27 में 11,902.85 करोड़ रुपये का बजट
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा के तहत व्यय बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप 9,425.21 करोड़ रुपये का उपयोग सुनिश्चित किया गया। यह कुल उपलब्ध धनराशि का 92.46 प्रतिशत रहा। वर्ष 2024-25 में उपलब्ध धनराशि का 69.60 प्रतिशत ही खर्च हुआ था।
वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने समग्र शिक्षा के तहत 11,902.85 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। मुख्य सचिव ने इसका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सघन और लक्षित प्रयास करने के निर्देश दिए।
कक्षा-2 तक निपुण भारत पर विशेष जोर
बैठक में बताया गया कि निपुण भारत मिशन के तहत बाल वाटिका से कक्षा-2 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत भाषायी और गणतीय दक्षताओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा-3 से 5 तक इसका विस्तार करते हुए हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषयों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
टाटा टेक्नोलॉजी और यास्कावा के साथ एमओयू
बैठक में यह भी बताया गया कि मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद ड्रीम लैब की स्थापना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी, जापानी कंपनी यास्कावा और अन्य उद्योग समूहों के साथ विभाग की ओर से एमओयू किया जा चुका है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सेफ्टी ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी किया जा चुका है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।