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UP : प्रदेश में 15 दिन में बढ़े खसरे के 100 मरीज, टीकाकरण में लापरवाही के चलते बढ़ गए रोगी
Mon, 19 Dec 2022 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Dec 2022 06:40 AM IST
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खसरे का बढ़ता प्रकोप...
प्रदेश में खसरे के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि दिसंबर के पहले 15 दिन में करीब सौ से अधिक मरीज मिले हैं जबकि जनवरी से अब तक कुल संख्या 209 है। अचानक संख्या बढ़ने की बड़ी वजह टीकाकरण में लापरवाही होना और जांच का दायरा बढ़ाना माना जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब तक खसरे के कुल 209 मरीज मिले हैं। इसमें जनवरी से 30 नवंबर तक यह संख्या 109 थी। दिसंबर माह में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। स्थिति यह है कि 16 दिसंबर तक यह संख्या बढ़कर 209 हो गई है। यानी 15 दिन में करीब सौ मरीजों की बढ़ोतरी हो गई।
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हालांकि अच्छी बात यह है कि अभी तक सिर्फ एक मरीज की खसरे से मौत हुई है। अन्य मरीज कुछ दिन बाद ठीक हो गए। विभागीय सूत्रों के मुताबिक उन्नाव, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद सहित कई जिलों में इसके मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। इन जिलोंं में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अचानक खसरे के मरीजों की संख्या बढ़ने की मूल वजह कोविड काल के दौरान टीकाकरण में हुई चूक भी बताई जा रही है।
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इस संबंध में एनएचएम के टीकाकरण महाप्रबंधक डॉ. मनोज शुक्ला का कहना है कि पहले बुखार, दाने निकलने, खांसी और आंखों मेंं लालिमा होने पर खसरे की जांच कराई जाती थी, लेकिन अब बुखार आने और दाने निकलने पर ही जांच कराई जा रही है। टीकाकरण की भरपाई के लिए नए सिरे से सर्वे हो रहा है। जनवरी से विशेष अभियान चलाकर बचे हुए बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा।
दिसंबर और मार्च-अप्रैल में खसरे के मरीज बढ़ते हैं। जिस भी मरीज को बुखार के साथ दाने निकले, तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए। किसी भी तरह की भ्रांति मेंं पड़े रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर दवा देनी चाहिए। एक बच्चे को समस्या हो तो दूसरे बच्चों को उससे अलग रखना चाहिए। जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें अनिवार्य रूप से टीका लगवाएं। तभी प्रदेश को खसरामुक्त बनाने का अभियान पूरा होगा।
-डॉ. केके यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, बाल रोग विभाग, लोहिया संस्थान