उन्नाव रेप केस: पॉक्सो एक्ट के तहत MLA सेंगर पर केस दर्ज, CBI जांच की भी सिफारिश
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उन्नाव रेप कांड में यूपी सरकार एक्शन में आ गई है। मामले में योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए जांच के लिए केस सीबीआई के सुपुर्द करने का फैसला लिया है। वहीं आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उनके खिलाफ धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है।
इसकी जानकारी एसओ राजेश सिंह ने दी है। सरकार ने रेप पीड़िता के परिवार को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। मामले में दो डॉक्टरों व एक सीओ को निलंबित कर दिया गया है।
आपको बता दें कि मामले की एसआईटी रिपोर्ट में विधायक को आरोपी बताया गया है।
#WATCH: Unnao rape case: BJP MLA Kuldeep Singh Senger on reaching SSP office, says 'Aap (media) jahan kaho wahin chalen. Apke channel mai chal kar baithen. Main channel ke saathiyon ke kehne se yaha aaya hoon. Channel ke saathi jahan par kahenge wahan chaloonga. Namaste' pic.twitter.com/i4W70qPSUq
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) April 11, 2018
मामले में गठित एसआईटी की जांच में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मारपीट की साजिश रचने का आरोपी बताया गया है। वहीं विधायक के भाई अतुल सिंह को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट में दोषी पाया गया है।
एडीजी जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित इस टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में विधायक और रेप पीड़िता के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की भी बात सामने आई है। एसआईटी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच का भी सुझाव दिया है और उन्नाव पुलिस को भी मामले में दोषी माना है। रिपोर्ट में वहां की एसपी पुष्पांजलि को हटाने की संस्तुति की बात भी की जा रही है और पुलिस अफसरों पर कदम-कदम पर लापरवाही बरतने का जिक्र किया गया है।
मालूम हो कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की थी। इसके मद्देनजर डीजीपी ने एसआईटी गठित कर उन्नाव भेजा था। यह टीम बुधवार को उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में स्थित पीड़िता के घर पहुंची। वहां दो घंटे से भी ज्यादा समय तक पीड़िता व उसके परिवारीजनों से बात की। विधायक पक्ष के भी पांच लोगों से पूछताछ की गई। एसआईटी ने उन्नाव के डीएम व एसपी से अलग से मीटिंग कर जानकारी ली।
रेप पीड़िता बोली, नहीं हुई विधायक की गिरफ्तारी तो दिल्ली में धरना देंगे
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उनके भाई पर रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी ने बुधवार को भी विधायक की नामजदगी और गिरफ्तारी की मांग दोहराई। समाजवादी महिला सभा के प्रतिनिधिमंडल से होटल में मुलाकात से पहले मीडिया से सामना होने पर किशोरी ने सवालिया लहजे में कहा कि विधायक की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं हुई है। सुबकते हुए कहा, विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जल्द गिरफ्तारी की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना देंगे।
पत्नी ने किशोरी और विधायक का नार्को टेस्ट करवाने की मांग की
आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सिंह सेंगर बुधवार को डीजीपी मुख्यालय पहुंची। डीजीपी से मिलकर उन्होंने पति को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करा ली जाए। संगीता ने डीजीपी से किशोरी और विधायक का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। डीजीपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
डीजीपी से मिलने के बाद संगीता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आपसी विवाद के चलते उनके पति को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है। किशोरी के सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कहा कि सच्चाई को सामने लाने के लिए उन्होंने डीजीपी से भी अनुरोध किया है कि आरोप लगाने वाली युवती के साथ ही उनके पति का नार्को टेस्ट करा लिया जाए। संगीता सेंगर ने कहा कि पीड़िता और उसके चाचा ने पहले भी गांव के ही एक लड़के पर रेप का आरोप लगाया था। लड़की के चाचा का भी नार्को टेस्ट कराना चाहिए।
विधायक की पत्नी के साथ विधायक की बहन रत्ना सिंह, भांजा प्रखर सिंह व दूसरे आरोपी शुभम के पिता हरपाल सिंह और मां शशि सिंह के अलावा साथ में बलरामपुर के विधायक शैलेश सिंह शैलू भी डीजीपी से मिले।
सदमें में हैं बेटियां व पूरा परिवार
संगीता सेंगर ने कहा पिता पर फर्जी तरीके से इतने घिनौने आरोप लगाए जाने की वजह से उनकी दोनों बेटियां और पूरा परिवार सदमे में हैं। पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो गया है। उन्होंने कहा कि किशोरी द्वारा लगाए गए आरोप के पक्ष में अभी तक एक भी सुबूत पेश नहीं किया गया है। इसके बावजूद मेरे पति को रेपिस्ट कहकर बदनाम किया जा रहा है। हमारे परिवार का मानसिक शोषण किया जा रहा है।
पीड़िता के चाचा के दिमाग का है खेल : शशि
इस मामले में दूसरे आरोपी शुभम की मां शशि सिंह का कहना था कि उनके बेटे को भी झूठा आरोप लगाकर फंसाया जा रहा है। पीड़िता को विधायक से मिलवाने के आरोप को खारिज करते हुए शशि ने कहा कि सरकार चाहे तो पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच करा ले। शशि ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में पीड़िता के चाचा का दिमाग है। वह इतना शातिर है कि विधायक व उसके बेटे को फंसाने की नीयत से पीड़िता की फर्जी मार्क्सशीट बनवाकर उसकी उम्र 22 साल से घटाकर 15 साल करवा दिया है।