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Lucknow News: कैंसर के इलाज, प्रवासी पक्षियों के व्यवहार का अध्ययन करेगा लविवि
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सात शिक्षकों को मिला दो करोड़ दस लाख का अनुदान
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लविवि आने वाले समय में कैंसर के इलाज के साथ प्रवासी पक्षियों के व्यवहार का अध्ययन करेगा। इसके लिए सात शिक्षकों को को 30-30 लाख के सात प्रोजेक्ट मिले हैं।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के अनुसार नई शिक्षा नीति उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार पर जोर देती है। विवि और शिक्षकों के साथ पीएचडी और परास्नातक के विद्यार्थियों को इस प्रोजेक्ट से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे। बताया कि यह अनुदान मेडिसिन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सामाजिक लाभ के अन्य क्षेत्रों में शोधों के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस योजना के तहत साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड, विज्ञान तथा तकनीकी मंत्रालय से मिला है।
सबसे ज्यादा चार प्रोजेक्ट रसायन विज्ञान विभाग को, दो जूलॉजी को और एक प्रोजेक्ट सांख्यिकी विभाग को दिया गया है। डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ड्रग कैंडिडेट्स के लेट-स्टेज सी-एच फंक्शनलाइजेशन पर काम करेंगे। डॉ. सुनील कुमार राय को कैंसर की दवाओं के संयोजन के लिए अनुदान मिला है। डॉ. प्रतिभा बंसल और डॉ. सीमा मिश्रा को अधिक क्षमता वाली विद्युत रासायनिक ऊर्जा भंडारण उपकरणों के निर्माण पर काम करना है। जूलॉजी विभाग में डॉ. आशुतोष रंजन और डॉ. आकांक्षा शर्मा को प्रवासी पक्षियों के व्यवहार पर काम करने के लिए अनुदान मिला है। सांख्यिकी विभाग के प्रो. शशि भूषण को रैंक्ड सेट सैंपलिंग प्रोटोकॉल के तहत मजबूत अनुमान प्रक्रियाओं पर काम करना है।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लविवि आने वाले समय में कैंसर के इलाज के साथ प्रवासी पक्षियों के व्यवहार का अध्ययन करेगा। इसके लिए सात शिक्षकों को को 30-30 लाख के सात प्रोजेक्ट मिले हैं।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के अनुसार नई शिक्षा नीति उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार पर जोर देती है। विवि और शिक्षकों के साथ पीएचडी और परास्नातक के विद्यार्थियों को इस प्रोजेक्ट से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे। बताया कि यह अनुदान मेडिसिन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सामाजिक लाभ के अन्य क्षेत्रों में शोधों के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस योजना के तहत साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड, विज्ञान तथा तकनीकी मंत्रालय से मिला है।
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सबसे ज्यादा चार प्रोजेक्ट रसायन विज्ञान विभाग को, दो जूलॉजी को और एक प्रोजेक्ट सांख्यिकी विभाग को दिया गया है। डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ड्रग कैंडिडेट्स के लेट-स्टेज सी-एच फंक्शनलाइजेशन पर काम करेंगे। डॉ. सुनील कुमार राय को कैंसर की दवाओं के संयोजन के लिए अनुदान मिला है। डॉ. प्रतिभा बंसल और डॉ. सीमा मिश्रा को अधिक क्षमता वाली विद्युत रासायनिक ऊर्जा भंडारण उपकरणों के निर्माण पर काम करना है। जूलॉजी विभाग में डॉ. आशुतोष रंजन और डॉ. आकांक्षा शर्मा को प्रवासी पक्षियों के व्यवहार पर काम करने के लिए अनुदान मिला है। सांख्यिकी विभाग के प्रो. शशि भूषण को रैंक्ड सेट सैंपलिंग प्रोटोकॉल के तहत मजबूत अनुमान प्रक्रियाओं पर काम करना है।
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