{"_id":"61a71409556b420cfa163df8","slug":"union-bank-manager-filed-fir-against-1-44-carors-fraud-lucknow-news-lko6068351127","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ : फर्जी दस्तावेज से लोन लेकर बैंक को ही लगा दिया 1.44 करोड़ का चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ : फर्जी दस्तावेज से लोन लेकर बैंक को ही लगा दिया 1.44 करोड़ का चूना
Wed, 01 Dec 2021 04:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 04:17 PM IST
सार
बैंक ने पड़ताल की तो पता चला कि जो दस्तावेज लगाए गये है, सभी फर्जी हैं। बैंक ने कई नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो कोर्ट के जरिये मनीष अवस्थी व अरविंद शर्मा पर मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन
विस्तार
व्यापारियों व ठेकेदारों ने फर्जीवाड़ा कर बैंक को ही 1.44 करोड़ का चूना लगा दिया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आलमबाग शाखा में फर्जी दस्तावेज लगाकर लोन लेने के बाद यह खेल किया गया। मामले में शाखा प्रबंधक ने आरोपियों के खिलाफ आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक आलमबाग अनिल कुमार सिंह के मुताबिक यूनियन बैंक के आलमबाग शाखा प्रबंधक मुरली मनोहर मंजुल ने बताया कि एफआई अपार्टमेंट बर्लिंग्टन क्रॉसिंग के पास रहने वाले जीवी सेवा चिकन इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर मनीष अवस्थी व उनके साझीदार राजाजीपुरम के सूर्यनगर निवासी अरविंद कुमार शर्मा ने बैंक से 49 लाख रुपये का लोन कराया था। इसके लिए मनीष ने मां कमलेश अवस्थी की हरदोई रोड स्थित जमीन के दस्तावेज गिरवी रखे थे। लोन की किस्तें समय पर जमा नहीं की जा रही थीं। इस पर बैंक ने पड़ताल की तो पता चला कि जो दस्तावेज लगाए गये है, सभी फर्जी हैं। बैंक ने कई नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो कोर्ट के जरिये मनीष अवस्थी व अरविंद शर्मा पर मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन
आवास विकास की जमीन रख दी गिरवी
वहीं, आलमबाग के सुभाषनगर निवासी रंजीत सिंह और सरिया मिल निवासी जसपाल सिंह ने आवासीय निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का लोन कराया। बैंक प्रबंधक के मुताबिक रंजीत कीरत फैब्रिकेटर के प्रोपराइटर हैं। लोन लेने के लिए 2015 में खरिका स्थित जमीन गिरवी रखी। दो साल बाद ही खाता एनपीए हो गया। इन दोनों पर देनदारी काफी थी। बैंक के नोटिस का जवाब नहीं मिला तो बाद बैंक ने जमीन पर कब्जा करने की तैयारी की। इसके लिए मौके पर पहुंचे तो वहां आवास विकास परिषद का बोर्ड लगा मिला। पड़ताल की तो पता चला कि इस जमीन पर 1985 से आवास विकास परिषद का कब्जा है। इसके बाद बैंक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रंजीत सिंह व सतपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
चार भाई बहनों ने हड़पे 48 लाख
बैंक प्रबंधक के मुताबिक डालीगंज निवासी पीयूष जैन ने मकान गिरवी रख कर 48 लाख का लोन पास कराया था। किस्तें नहीं मिलने पर बैंक ने बंधक मकान को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। इसी बीच आवास पर पीयूष की बहनें सोनी जैन व शिल्पी जैन के अलावा उनके भाई सम्यक जैन ने अपना दावा ठोंक दिया। बैंक ने पड़ताल की तो पता चला कि जो मकान गिरवी रखा गया है वह चारों की मां रेनू जैन के नाम पर है। इसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीयूष जैन ने खुद को वारिस घोषित कर दिया और इसके सहारे लोन हासिल कर लिया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक तहरीर के आधार पर पीयूष जैन, सम्यक जैन, सोनी जैन व शिल्पी जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
भाई-बहन ने लगाई 22 लाख की चपत
बैंक प्रबंधक के मुताबिक राजाजीपुरम के सुरेश कुमार व उनकी बहन लक्ष्मी देवी ने बैंक को 22 लाख रुपये का चूना लगाया। सुरेश कुमार नीलेश इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हैं। इन दोनों ने सिंचाई विभाग के वर्क आर्डर लगाकर बैंक से 22 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद किस्तें नहीं जमा कीं। जांच में सामने आया कि दोनों ने सिंचाई विभाग का जो वर्क आर्डर लगाया था वह फर्जी है। विभाग से हुए पत्राचार में भी इसकी पुष्टि हुई। सिंचाई विभाग ने विभागीय जांच के बाद बैंक को पत्र भेजा, जिसमें लिखा था कि यह वर्क आर्डर कूटरचित है। विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।