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Lucknow News: एक साल के भीतर कराएं असामान्य विकसित सिर की सर्जरी
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कार्यक्रम में मौजूद लोग।
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजीव अग्रवाल के अनुसार, अगर किसी बच्चे का सिर टेढ़ा या असामान्य रूप से विकसित है, तो इसे गंभीरता लेना चाहिए। एक साल के भीतर ही इन बच्चों की सर्जरी करानी चाहिए। सर्जरी के बाद ये बच्चे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। प्रो. अग्रवाल शनिवार को प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित इंडो-गल्फ ट्विन सिटी क्रेनियोफेशियल कार्यशाला में बोल रहे थे।
प्रो. राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस बीमारी को क्रेनियोफेशियल सेक्रेनियोफेशियल कहा जाता है। इसकी वजह से मानसिक विकास भी रुक जाता है। समस्या यह है कि इस बीमारी से पीड़ित बच्चों में से 50 फीसदी को एक साल की उम्र के बाद अस्पताल लाया जाता है। इससे सर्जरी मुश्किल हो जाती है।
मस्कट के डॉ. तैमूर अल बुलिश ने बताया कि यदि इस बीमारी का इलाज एक वर्ष की आयु में हो जाए तो स्कूल जाने तक बच्चा सामान्य दिखने लगेगा। ऐसा न होने पर बच्चा स्कूल में भेदभाव का शिकार होता है। इससे पहले हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश जस्टिस आलोक माथुर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर डॉक्टरों को विभिन्न मॉडल पर सर्जरी का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला में प्रो. तूलिका चंद्रा के साथ ही अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
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प्रो. राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस बीमारी को क्रेनियोफेशियल सेक्रेनियोफेशियल कहा जाता है। इसकी वजह से मानसिक विकास भी रुक जाता है। समस्या यह है कि इस बीमारी से पीड़ित बच्चों में से 50 फीसदी को एक साल की उम्र के बाद अस्पताल लाया जाता है। इससे सर्जरी मुश्किल हो जाती है।
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मस्कट के डॉ. तैमूर अल बुलिश ने बताया कि यदि इस बीमारी का इलाज एक वर्ष की आयु में हो जाए तो स्कूल जाने तक बच्चा सामान्य दिखने लगेगा। ऐसा न होने पर बच्चा स्कूल में भेदभाव का शिकार होता है। इससे पहले हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश जस्टिस आलोक माथुर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर डॉक्टरों को विभिन्न मॉडल पर सर्जरी का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला में प्रो. तूलिका चंद्रा के साथ ही अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मौजूद लोग।

कार्यक्रम में मौजूद लोग।

कार्यक्रम में मौजूद लोग।

कार्यक्रम में मौजूद लोग।

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कार्यक्रम में मौजूद लोग।

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