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भाजपा-सपा के तालमेल से निर्विरोध चुनाव, कांग्रेस बैकफुट पर, नगर निगम कार्यकारिणी और एलडीए बोर्ड के लिए जितने पद उतने लोगों ने ही किया नामांकन

Tue, 16 Feb 2021 12:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 12:48 AM IST
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uncontested election in coordination with BJP-SP
भाजपा-सपा के अंदरूनी तालमेल और कांग्रेस के मैदान में न आने से नगर निगम कार्यकारिणी के छह और एलडीए बोर्ड के चार सदस्यों का चुनाव सोमवार को निर्विरोध हो गया। कार्यकारिणी के जो छह सदस्य विजयी हुए हैं, उनमें भाजपा के चार और सपा के दो हैं। एलडीए बोर्ड के लिए जो चार सदस्य चुने गए उनमें भाजपा के तीन और सपा का एक सदस्य है। नगर निगम कार्यकारिणी और एलडीए बोर्ड में कांग्रेस का कोई सदस्य नहीं है।
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निगम कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा के जो चार सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं, उनमें रुपाली गुप्ता, श्रवण नायक, प्रदीप शुक्ला पिंटू व विमल तिवारी शामिल हैं। सपा के देवेंद्र यादव जीतू और मोनू कनौजिया चुने गए हैं। एलडीए बोर्ड के लिए भाजपा के जो तीन सदस्य चुने गए हैं, उनमें रामकृष्ण यादव, संजय राठौर और राघवराम तिवारी शामिल हैं। जबकि सपा के मुसब्बिर अली मंसू का चुनाव हुआ है।
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भरे सदन में अपनी पार्टी पर सवाल उठा गए भाजपा के रामनरेश
कार्यकारिणी सदस्य चुनाव के लिए नाम तय होने के बाद से पार्टी से खफा चल रहे भाजपा पार्षद रामनरेेश रावत ने सोमवार को भरे सदन में अपनी ही पार्टी पर दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया। महापौर, अफसर और सभी दलों के पार्षदों की मौजूदगी में रामनरेश ने कहा एक भी दलित को कार्यकारिणी में नहीं भेजा गया। पार्षद दल उपनेता के चयन पर भी सवाल उठाया। सदन के अंदर ही पार्टी पर आरोप लगाए जाने से भाजपा पार्षद और महापौर हतप्रभ रह गए। इसी बीच भाजपा के कुछ पार्षदों ने हो हल्ला शुरू कर दिया ताकि रामनरेश की आवाज दब जाए, जिसके बाद रामनरेश सदन से बाहर चले गए।
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...और गायब हो गए अमित चौधरी
कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी के कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए नामांकन करने की चर्चा जोरों पर थी। मगर वह सदन में आए ही नहीं। ऐसे में निर्विरोध चुुनाव की रणनीति सफल हो गई, जिसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी रहीं। कोई अमित के दबाव में आने की बात कर रहा था तो कोई यह कह रहा था कि जब लड़ना नहीं था तो फिर इतना दिखावा क्यों किया।

महापौर बोलीं- घर की बात, खटपट हो जाती है
पार्टी के ही पार्षद द्वारा खुलेआम विरोध जताने के सवाल पर महापौर ने कहा कि घर की बात है, खटपट होती रहती है। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी चुनाव के लिए उम्मीदवार पार्टी तय करती है। उनके अकेले का कोई लेना-देना नहीं है। दलितों को भी पहले कार्यकारिणी में भेजा गया है, उपेक्षा की कोई बात नहीं है।
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