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ज्वेलर्स के यहां लूट में पड़ोसी जिलों के बदमाशों पर शक, दो की हुई पहचान
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लखनऊ। अलीगंज के तिरुपति ज्वेलर्स में बुधवार को दिनदहाडे़ हुई लूट की वारदात को अंजाम देकर भागे बदमाशों में से दो की पहचान हो गई है। वहीं पुलिस को बदमाशों के पड़ोसी जिलों का होने का शक है जिसे लेकर उन जिलों में दबिश दी जा रही है। वहीं कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है।
एसीपी अलीगंज सैय्यद अली अब्बास के मुताबिक, वारदात स्थल के चारों तरफ भागने के हर संभावित रास्तों के कैमरे खंगाले जा रहे हैं। अभी तक मिले फुटेज में चारों बदमाश दो बाइक से भागते दिखे हैं। चारों कपूरथला से गली के रास्ते सहारा बिल्डिंग के पास मेन रोड पर निकले। इसके बाद छन्नीलाल चौराहा होते हुए गोल मार्केट पहुंचे। महानगर से रहीम नगर चौराहा होकर खुर्रमनगर तक बदमाशों को कैमरों में देखा गया हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा होकर पड़ोसी जिलों की तरफ भागे होंगे। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बीच में टेढ़ी पुलिया चौराहे से कुर्सी रोड पकड़कर बाराबंकी निकल गए होंगे।
बदमाशों की गोली से घायल ज्वैलरी शॉप के कर्मचारी फैजुल्लागंज निवासी श्रवण शर्मा की ट्रॉमा सेंटर ने हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके गोली निकाल दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे दिख रहे हैं इसलिए जल्द ही उनकी पहचान कर ली जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दो बदमाशों की पहचान पुलिस ने कर ली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खुलासे के करीब पहुंची पुलिस को पता चला है कि बदमाश पड़ोसी जिलों के गिरोह से जुड़े हैं। दो बदमाश स्थानीय तो दो पड़ोसी जिले के रहने वाले हैं। 24 सीसीटीवी फुटेज में इन बदमाशों के भागने का रास्ता भी पुलिस को पता चल गया है।
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ग्राहकों की तैयार हो रही कुंडली
तिरुपति ज्वेलर्स में लूट की वारदात के बाद वहां के नए व पुराने कर्मचारियों को थाने बुलाकर लंबी पूछताछ की गई। देर शाम प्रभारी निरीक्षक अलीगंज कारोबारी से भी बातचीत करने पहुंचे। वहीं पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पिछले 20 दिन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों की सूची तैयार की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध दिखे तो उससे पूछताछ की जा सके।
खुलासे के लिए थाने में दो घंटे बैठक
ज्वेलरी शॉप में हुई लूट की वारदात को खोलने के लिए पुलिस कमिश्नर ने चार टीमें लगाई हैं। वहीं बृहस्पतिवार को दोपहर में अलीगंज थाने में पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी, डीसीपी उत्तरी देवेश पांडेय, एडीसीपी उत्तर प्राची सिंह, एसीपी अलीगंज सैय्यद अली अब्बास व क्राइम ब्रांच के अधिकारी करीब दो घंटे तक बैठक करते रहे।
सगाई के लिए अंगूठी व चेन देखने आए बदमाश ने की थी रेकी
लखनऊ। लूट की वारदात के एक दिन पहले बदमाशों ने रेकी की थी। इसके लिए एक बदमाश दुकान के अंदर घुसा था। ज्वेलर्स से कहा कि उसकी सगाई है। चेन और अंगूठी दिखाई। करीब 20 से 25 मिनट तक उसने कई तरह कीचेन व अंगूठी देखीं। इसके बाद कहा कि कल वह अपनी मां के साथ आएगा तो खरीदारी करेगा। इसके बाद दूसरे दिन भी वह अपने एक साथी संग पहुंचा। इस दौरान दुकान में एक महिला ग्राहक बैठी थी। उसे जाने का काफी देर तक इंतजार करते रहे। परिवारीजनों के आने की बहानेबाजी कर वह जेवरात देखते रहे। काफी देर तक महिला नहीं गई। इस पर एक युवक बाहर की तरफ गया। उसने इशारा कर अपने साथियों को बुलाया। चारों बदमाश अंदर दाखिल हुए तो सभी को गन प्वाइंट पर ले लिया। वहां रखे सभी चेन व अंगूठी को समेट लिया। फिर एक बदमाश अंदर स्ट्रांग रूम की तरफ गन प्वाइंट पर लेकर गया जहां लॉकर में रखे हुए जेवरात उठाए थे। वापस जाते समय एक बदमाश अंदर ही स्ट्रांग रूम में रह गया था। जब वह बाहर निकला तो उसे ही श्रवण व कारोबारी निखिल ने दबोचा था। उसकेशोर मचाने पर वापस ही उसके साथी वापस आए थे और फिर श्रवण को गोली मारकर भाग गए।
असलहा बैग में रखकर लाए थे
दुकान में दाखिल हुए लुटेरों में एक ने बैग ले रखा था। अंदर घुसने के बाद बैग से असलहा निकाला। इसके बाद बैग वहीं छोड़ दिया। कारोबारी के मुताबिक, बदमाश जींस व जैकेट पहने थे। ज्यादातर जेवरात उन्होंने अपनी जींस व जैकेट के पॉकेट में ही भर लिए थे। कुछ सामान ही थैले में लेकर गए। पुलिस ने दुकान के अंदर मिले बैग को अपने कब्जे में ले लिया है। बैग पर मिले फिंगरप्रिंट को पुराने लुटेरे गिरोह के सदस्यों से मिलान कराई जा रही है। चार साल पहले इसी दुकान में हुई वारदात और इस बार की वारदात में काफी अंतर है। चार साल पहले वारदात करने वाले बदमाशों की बोलचाल की भाषा ग्रामीण थी। इस बार लखनऊ की लोकल भाषा में बदमाश आपस में बातचीत कर रहे थे।
एक दिन पहले नौकरी पर लौटा था श्रवण
निखिल के मुताबिक, श्रवण की बेटी की शादी तीन दिसंबर को थी। वह अवकाश पर चल रहा था। मंगलवार को ही वह वापस काम पर आया था। मंगलवार और बुधवार को वह निखिल से बेटी की शादी के बारे में ही बातचीत कर रहा था। बेटी की शादी करने की खुशी भी उसके चेहरे पर झलक रही थी। लेकिन दूसरे दिन ही उसे बदमाशों ने गोली मार दी।
बुलेट से आए थे बदमाश
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश शौकीन मिजाज लग रहे है। वे बुलेट व एक अन्य बाइक से आए थे। बाइक व बुलेट को नॉवेल्टी सिनेमा वाली गली में खड़ी किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह पैदल बाइक तक पहुंचे। इसके बाद दो दिशाओं में निकल गए। पुलिस ने भी दो बाइक की पुष्टि की है। अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज में बदमाश जाते हुए दिखे हैं। सात फुटेज में साफ तस्वीर दिखी है।
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एसीपी अलीगंज सैय्यद अली अब्बास के मुताबिक, वारदात स्थल के चारों तरफ भागने के हर संभावित रास्तों के कैमरे खंगाले जा रहे हैं। अभी तक मिले फुटेज में चारों बदमाश दो बाइक से भागते दिखे हैं। चारों कपूरथला से गली के रास्ते सहारा बिल्डिंग के पास मेन रोड पर निकले। इसके बाद छन्नीलाल चौराहा होते हुए गोल मार्केट पहुंचे। महानगर से रहीम नगर चौराहा होकर खुर्रमनगर तक बदमाशों को कैमरों में देखा गया हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा होकर पड़ोसी जिलों की तरफ भागे होंगे। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बीच में टेढ़ी पुलिया चौराहे से कुर्सी रोड पकड़कर बाराबंकी निकल गए होंगे।
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बदमाशों की गोली से घायल ज्वैलरी शॉप के कर्मचारी फैजुल्लागंज निवासी श्रवण शर्मा की ट्रॉमा सेंटर ने हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके गोली निकाल दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे दिख रहे हैं इसलिए जल्द ही उनकी पहचान कर ली जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दो बदमाशों की पहचान पुलिस ने कर ली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खुलासे के करीब पहुंची पुलिस को पता चला है कि बदमाश पड़ोसी जिलों के गिरोह से जुड़े हैं। दो बदमाश स्थानीय तो दो पड़ोसी जिले के रहने वाले हैं। 24 सीसीटीवी फुटेज में इन बदमाशों के भागने का रास्ता भी पुलिस को पता चल गया है।
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ग्राहकों की तैयार हो रही कुंडली
तिरुपति ज्वेलर्स में लूट की वारदात के बाद वहां के नए व पुराने कर्मचारियों को थाने बुलाकर लंबी पूछताछ की गई। देर शाम प्रभारी निरीक्षक अलीगंज कारोबारी से भी बातचीत करने पहुंचे। वहीं पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पिछले 20 दिन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों की सूची तैयार की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध दिखे तो उससे पूछताछ की जा सके।
खुलासे के लिए थाने में दो घंटे बैठक
ज्वेलरी शॉप में हुई लूट की वारदात को खोलने के लिए पुलिस कमिश्नर ने चार टीमें लगाई हैं। वहीं बृहस्पतिवार को दोपहर में अलीगंज थाने में पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी, डीसीपी उत्तरी देवेश पांडेय, एडीसीपी उत्तर प्राची सिंह, एसीपी अलीगंज सैय्यद अली अब्बास व क्राइम ब्रांच के अधिकारी करीब दो घंटे तक बैठक करते रहे।
सगाई के लिए अंगूठी व चेन देखने आए बदमाश ने की थी रेकी
लखनऊ। लूट की वारदात के एक दिन पहले बदमाशों ने रेकी की थी। इसके लिए एक बदमाश दुकान के अंदर घुसा था। ज्वेलर्स से कहा कि उसकी सगाई है। चेन और अंगूठी दिखाई। करीब 20 से 25 मिनट तक उसने कई तरह कीचेन व अंगूठी देखीं। इसके बाद कहा कि कल वह अपनी मां के साथ आएगा तो खरीदारी करेगा। इसके बाद दूसरे दिन भी वह अपने एक साथी संग पहुंचा। इस दौरान दुकान में एक महिला ग्राहक बैठी थी। उसे जाने का काफी देर तक इंतजार करते रहे। परिवारीजनों के आने की बहानेबाजी कर वह जेवरात देखते रहे। काफी देर तक महिला नहीं गई। इस पर एक युवक बाहर की तरफ गया। उसने इशारा कर अपने साथियों को बुलाया। चारों बदमाश अंदर दाखिल हुए तो सभी को गन प्वाइंट पर ले लिया। वहां रखे सभी चेन व अंगूठी को समेट लिया। फिर एक बदमाश अंदर स्ट्रांग रूम की तरफ गन प्वाइंट पर लेकर गया जहां लॉकर में रखे हुए जेवरात उठाए थे। वापस जाते समय एक बदमाश अंदर ही स्ट्रांग रूम में रह गया था। जब वह बाहर निकला तो उसे ही श्रवण व कारोबारी निखिल ने दबोचा था। उसकेशोर मचाने पर वापस ही उसके साथी वापस आए थे और फिर श्रवण को गोली मारकर भाग गए।
असलहा बैग में रखकर लाए थे
दुकान में दाखिल हुए लुटेरों में एक ने बैग ले रखा था। अंदर घुसने के बाद बैग से असलहा निकाला। इसके बाद बैग वहीं छोड़ दिया। कारोबारी के मुताबिक, बदमाश जींस व जैकेट पहने थे। ज्यादातर जेवरात उन्होंने अपनी जींस व जैकेट के पॉकेट में ही भर लिए थे। कुछ सामान ही थैले में लेकर गए। पुलिस ने दुकान के अंदर मिले बैग को अपने कब्जे में ले लिया है। बैग पर मिले फिंगरप्रिंट को पुराने लुटेरे गिरोह के सदस्यों से मिलान कराई जा रही है। चार साल पहले इसी दुकान में हुई वारदात और इस बार की वारदात में काफी अंतर है। चार साल पहले वारदात करने वाले बदमाशों की बोलचाल की भाषा ग्रामीण थी। इस बार लखनऊ की लोकल भाषा में बदमाश आपस में बातचीत कर रहे थे।
एक दिन पहले नौकरी पर लौटा था श्रवण
निखिल के मुताबिक, श्रवण की बेटी की शादी तीन दिसंबर को थी। वह अवकाश पर चल रहा था। मंगलवार को ही वह वापस काम पर आया था। मंगलवार और बुधवार को वह निखिल से बेटी की शादी के बारे में ही बातचीत कर रहा था। बेटी की शादी करने की खुशी भी उसके चेहरे पर झलक रही थी। लेकिन दूसरे दिन ही उसे बदमाशों ने गोली मार दी।
बुलेट से आए थे बदमाश
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश शौकीन मिजाज लग रहे है। वे बुलेट व एक अन्य बाइक से आए थे। बाइक व बुलेट को नॉवेल्टी सिनेमा वाली गली में खड़ी किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह पैदल बाइक तक पहुंचे। इसके बाद दो दिशाओं में निकल गए। पुलिस ने भी दो बाइक की पुष्टि की है। अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज में बदमाश जाते हुए दिखे हैं। सात फुटेज में साफ तस्वीर दिखी है।