सई में दो किशोरों की डूबने से मौत, एक को बचाया
दोस्तों संग रविवार दोपहर सई नदी में नहाने उतरे दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। जबकि उनके एक साथी को मछुआरों ने बचा लिया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों किशोरों के शव बाहर निकलवाए।
बंथरा के नारायणपुर निवासी किसान परशुराम का बेटा मोहित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सातवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने दोस्त वीरू कोरी, करन रावत, रामेंद्र रावत, संदीप कोरी और शारदा के साथ ललऊ गांव के पास सई नदी के घाट पर नहाने गया था।
छह दोस्तों ने नदी किनारे अपनी साइकिल खड़ी की और कपड़े उतारकर नदी में छलांग लगा दी। इस दौरान मोहित, वीरू और करन रावत तेज बहाव के साथ गहराई में पहुंच गए। उन्हें डूबता देखकर रामेंद्र, संदीप और शारदा ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
इसके बाद आसपास मौजूद मछुआरों ने भी नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने करन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मोहित व वीरू को नहीं बचा सके।
इसके बाद रामेंद्र, संदीप और शारदा ने उनके घरवालों को घटना की जानकारी दी। परिवारवालों की सूचना पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद मोहित और वीरू के शव निकलवाए।
दो बच्चों की मौत से गांव में सन्नाटा
दो बच्चों के सई नदी में डूबने की सूचना के बाद नारायणपुर गांव में सन्नाटा पसर गया। लगभग 50 से अधिक महिलाएं और बच्चे नदी किनारे पहुंच गए। वहीं, वीरू की मां पार्वती बड़े भाई रवि सदमे में हैं। मोहित के घरवालों का भी यही हाल है।
रक्षाबंधन पर मामा के घर आया था वीरू
किसान रज्जनलाल का बेटा वीरू कोरी (12) मूल रूप से सरोजनीनगर के बसंतखेड़ा का निवासी है। वह रक्षाबंधन में नारायणपुर निवासी अपने मामा सुनील के घर आया था। गौरी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में वह भी छठवीं का छात्र था। वीरू और मोहित में गहरी दोस्ती हो गई थी।
मछुआरों ने रोका था, नदी में उतरने से
इस समय सई का बहाव तेज है। ऐसे में एक साथ छह किशोर जब नदी में उतरे तो कुछ मछुआरों ने उन्हें टोका भी था। इससे भी वह नहीं माने और कहा कि उन्हें तैराकी आती है।