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Lucknow News: लीलावती मुंशी बालगृह में दो दिन में दो बच्चों की मौत
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लखनऊ। मोतीनगर स्थित लीलावती मुंशी बालगृह में दो दिन में दो बच्चों की सेहत बिगड़ने से मौत हो गई। इनमें से एक पहले से बीमार था, जबकि दूसरे की बुखार व इंफेक्शन से जान चली गई।
बालगृह की दत्तक ग्रहण इकाई की प्रभारी शिल्पी ने कहा, चार साल के आशुतोष को जब यहां भेजा गया था तो उसके सिर में पानी भरा था। केजीएमयू में इलाज चल रहा था और सर्जरी भी हुई थी। इसके बाद उसे पाइप लगे हुए ही डिस्चार्ज कर दिया गया। शनिवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। लीलावती बाल गृह व दत्तक ग्रहण की संचालिका रीता सिंह ने केजीएमयू के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
रीता सिंह ने यह भी बताया कि डेढ़ साल की अनामिका को रात को बुखार आया। उसे पैरासिटामॉल दी गई, पर 21 मई की सुबह उसकी जान चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंफेक्शन से मौत के जिक्र पर कहा कि आशुतोष से इंफेक्शन हुआ होगा।
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अन्य बच्चों की जांच के लिए मंगलवार को डॉक्टरों को बुलाया गया है। उधर, केजीएमयू प्रशासन ने कहा सर्जरी के बाद जिन बच्चों को ट्यूब डालनी पड़ती है, वह कई सप्ताह तक रहती है। ट्यूब से दूसरे बच्चों में इंफेक्शन संभव नहीं है।
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बालगृह की दत्तक ग्रहण इकाई की प्रभारी शिल्पी ने कहा, चार साल के आशुतोष को जब यहां भेजा गया था तो उसके सिर में पानी भरा था। केजीएमयू में इलाज चल रहा था और सर्जरी भी हुई थी। इसके बाद उसे पाइप लगे हुए ही डिस्चार्ज कर दिया गया। शनिवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। लीलावती बाल गृह व दत्तक ग्रहण की संचालिका रीता सिंह ने केजीएमयू के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
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रीता सिंह ने यह भी बताया कि डेढ़ साल की अनामिका को रात को बुखार आया। उसे पैरासिटामॉल दी गई, पर 21 मई की सुबह उसकी जान चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंफेक्शन से मौत के जिक्र पर कहा कि आशुतोष से इंफेक्शन हुआ होगा।
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अन्य बच्चों की जांच के लिए मंगलवार को डॉक्टरों को बुलाया गया है। उधर, केजीएमयू प्रशासन ने कहा सर्जरी के बाद जिन बच्चों को ट्यूब डालनी पड़ती है, वह कई सप्ताह तक रहती है। ट्यूब से दूसरे बच्चों में इंफेक्शन संभव नहीं है।