{"_id":"6026e3a48ebc3ee8ec794c1b","slug":"two-accused-student-arrested-in-the-matter-of-rape-lucknow-news-lko5645564104","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुनर्वास विश्वविद्यालय दिव्यांग छात्र से कुकर्म मामले में दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुनर्वास विश्वविद्यालय दिव्यांग छात्र से कुकर्म मामले में दो गिरफ्तार
विज्ञापन
डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में दिव्यांग छात्र से रैगिंग और कुकर्म मामले में आरोपी आकाश यादव और सत्येंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
प्रभारी निरीक्षक पारा राजेश कुमार के मुताबिक, आकाश यादव बीएड प्रथम सेमेस्टर और सत्येंद्र यादव एमएड तृतीय सेमेस्टर का छात्र है।
दिव्यांग छात्र ने दोनों पर कुकर्म, मारपीट गाली-गलौज का मुकदमा दर्ज कराया था। पारा पुलिस ने आरोपी छात्रों को शुक्रवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की जा रही है। पुलिस शनिवार को दोनों को जेल भेजेगी।
एंटी रैगिंग सेल ने लिए छात्रों के बयान
मामले में शुक्रवार को एंटी रैगिंग सेल की बैठक हुई। बैठक में आरोपित छात्रों के साथ, उनका साथ देने वाले कुछ अन्य छात्रों के बयान लिए गए। उन्होंने घटना से जुड़ी जानकारी भी दी है। साथ ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच भी लगभग निष्कर्ष पर पहुंच गई है। जल्द ही वह रिपोर्ट सौंपेगी। प्रॉक्टर प्रो. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित छात्रों का मेडिकल करवाया गया है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रैगिंग की रिपोर्ट मिल गई, सख्त कार्रवाई होगी : अनिल राजभर
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मामले की जांच रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री शुक्रवार को गोरखपुर में मीडिया से कहा कि घटना में व्यवस्था देखने वालों की लापरवाही सामने आएगी तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। कहा कि लखनऊ पहुंचते ही रिपोर्ट देखेंगे और फिर कार्रवाई करेंगे। (इनपुट : गोरखपुर)
नहीं हो पाई पोस्टर लगाने वालों की पहचान
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में छात्रावास में पोस्टर लगाने वालों की पहचान शुक्रवार को भी नहीं हो पाई। पोस्टर किसने और किस उद्देश्य से लगाया, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। इसे हाल के कुछ मुद्दों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
छोटी घटनाओं पर दें ध्यान तो न हो बवाल
जानकारी के अनुसार, पुनर्वास विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में एक और प्रकरण सामने आया था, जिसकी विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू की, लेकिन बाद में समझौता हो गया। जबकि पिछले साल भी छात्रावास में छोटी-छोटी चीजों को लेकर हंगामे होते रहे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, बीबीएयू में भी छेड़खानी मामले में आरोपित छात्र इससे पहले भी एक मामले में शामिल रहे हैं, लेकिन बहुत ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भाषा विश्वविद्यालय में भी छात्रावास और बवाल का पुराना नाता है, लेकिन अभी तक यहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लग पाए। इससे एक बार फिर छात्रावास चर्चा का केंद्र बन गया है।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक पारा राजेश कुमार के मुताबिक, आकाश यादव बीएड प्रथम सेमेस्टर और सत्येंद्र यादव एमएड तृतीय सेमेस्टर का छात्र है।
दिव्यांग छात्र ने दोनों पर कुकर्म, मारपीट गाली-गलौज का मुकदमा दर्ज कराया था। पारा पुलिस ने आरोपी छात्रों को शुक्रवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की जा रही है। पुलिस शनिवार को दोनों को जेल भेजेगी।
विज्ञापन
एंटी रैगिंग सेल ने लिए छात्रों के बयान
मामले में शुक्रवार को एंटी रैगिंग सेल की बैठक हुई। बैठक में आरोपित छात्रों के साथ, उनका साथ देने वाले कुछ अन्य छात्रों के बयान लिए गए। उन्होंने घटना से जुड़ी जानकारी भी दी है। साथ ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच भी लगभग निष्कर्ष पर पहुंच गई है। जल्द ही वह रिपोर्ट सौंपेगी। प्रॉक्टर प्रो. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित छात्रों का मेडिकल करवाया गया है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रैगिंग की रिपोर्ट मिल गई, सख्त कार्रवाई होगी : अनिल राजभर
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मामले की जांच रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री शुक्रवार को गोरखपुर में मीडिया से कहा कि घटना में व्यवस्था देखने वालों की लापरवाही सामने आएगी तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। कहा कि लखनऊ पहुंचते ही रिपोर्ट देखेंगे और फिर कार्रवाई करेंगे। (इनपुट : गोरखपुर)
नहीं हो पाई पोस्टर लगाने वालों की पहचान
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में छात्रावास में पोस्टर लगाने वालों की पहचान शुक्रवार को भी नहीं हो पाई। पोस्टर किसने और किस उद्देश्य से लगाया, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। इसे हाल के कुछ मुद्दों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
छोटी घटनाओं पर दें ध्यान तो न हो बवाल
जानकारी के अनुसार, पुनर्वास विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में एक और प्रकरण सामने आया था, जिसकी विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू की, लेकिन बाद में समझौता हो गया। जबकि पिछले साल भी छात्रावास में छोटी-छोटी चीजों को लेकर हंगामे होते रहे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, बीबीएयू में भी छेड़खानी मामले में आरोपित छात्र इससे पहले भी एक मामले में शामिल रहे हैं, लेकिन बहुत ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भाषा विश्वविद्यालय में भी छात्रावास और बवाल का पुराना नाता है, लेकिन अभी तक यहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लग पाए। इससे एक बार फिर छात्रावास चर्चा का केंद्र बन गया है।