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टीबीः गलत डोज और दवा छोड़ना खतरनाक
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 18 Nov 2014 11:04 AM IST
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यह जानकारी केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. सूर्यकांत त्रिपाठी ने दी। मौका था सोमवार को आलमबाग के एक होटल में ‘कार्डियोवस्कुलर रिस्क मैनेजमेंट’ और ‘टीबी के क्षेत्र में हाल ही में हुई खोजें’ विषय पर आयोजित वैज्ञानिक सम्मेलन का।
वहीं, फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के अध्यक्ष व महानिदेशक डॉ. राजीव मोदी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2013 में लगभग 4.80 लाख लोग मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी के शिकार हो चुके हैं।
सम्मेलन में केजीएमूय के कुलपति प्रो. रविकांत मौजूद थे। बच्चों की मृत्युदर
घटाने को सही पोषण जरूरी
उत्तर प्रदेश फोर्सेज और सेव द चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 6 वर्ष तक के बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उनके पोषण को सुनिश्चित करने के पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षक कमला ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है।
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वहीं, फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के अध्यक्ष व महानिदेशक डॉ. राजीव मोदी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2013 में लगभग 4.80 लाख लोग मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी के शिकार हो चुके हैं।
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सम्मेलन में केजीएमूय के कुलपति प्रो. रविकांत मौजूद थे। बच्चों की मृत्युदर
घटाने को सही पोषण जरूरी
उत्तर प्रदेश फोर्सेज और सेव द चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 6 वर्ष तक के बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उनके पोषण को सुनिश्चित करने के पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षक कमला ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है।
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