ट्रेन में टीटीई ने दिखाई गजब गुंडागर्दी
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अवैध वसूली में जुटे टीटीई अब कंफर्म सीट वाले यात्रियों को जबरन हटाकर सीट बेचने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।
टीटीई की इस गुंडागर्दी का शिकार दीपावली के दिन गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के चार यात्री हुए।
चारबाग रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए यात्रियों को उनकी सीट एसी तृतीय में अपप्रेड होने की बात कहते हुए हटाया गया, जबकि एसी बोगी में पहुंचने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।
लौटने पर पता चला की टीटीई महोदय उनकी सीटें किसी और को दे चुके हैं। इतना ही नहीं टिकट होने के बावजूद बेटिकट होने की धमकी देते हुए जुर्माने की धमकी देने लगा।
जानकारी पर इज्जतनगर (बरेली) रेल मंडल ने आरपीएफ भेजकर सीट दिलाने के साथ ही आरोपी टीटीई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करा दी है।
एसएम शफी ने तत्काल कोटे के लिए पांच घंटे लाइन लगकर बोगी एस-वन में 41 से 44 तक सीटें हासिल की थीं। तीन रिश्तेदारों के साथ रविवार को चारबाग रेलवे स्टेशन से गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस (19410) में सवार हुए।
बोगी में चार्ट न लगने के चलते टिकट पर अंकित सीट पर बैठ गए। ट्रेन के कानपुर पहुंचने पर इज्जतनगर मंडल का टीटीई केके मीना ने उनकी सीटें एसी तृतीय में अपग्रेड होने की बात कही।
इस पर चारो यात्री एसी तृतीय कोच में गए, वहां टीटीई ने समय से न आने के चलते सीट किसी और को देने की बात कहते हुए वापस शयनयान में भेज दिया। एसएम शफी तीनों रिश्तोदारों के साथ पुरानी बोगी में पहुंचे।
लेकिन तब तक टीटीई उनकी सीट दूसरे यात्रियों को दे चुका था। इतना ही नहीं टीटीई केके मीना से सीट वापस मांगी, तो बेटिकट होने की बात कहते हुए ट्रेन से उतारने की धमकी देने लगा।
काफी कहासुनी के बाद पांच सौ रुपये लेकर एक सीट देने को राजी हुआ। परेशान एसएम शफी ने इज्जतनगर के सीनियर डीसीएम से शिकायत की।
जानकारी पर उन्होंने फर्रुखाबाद से पहले आरपीएफ जवान भेजकर टीटीई को हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीटीई ने एसी में अपग्रेड हुई सीट यात्रियों को दी। फिलहाल टीटीई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह का कहना है कि यात्री को सीट दिलाने के साथ ही आरोपी टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विजिलेंस भी सुस्त
पिछले दिनों जोरशोर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाने वाले रेलवे महकमे का विजिलेंस विभाग ही सुस्त है। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल का विजिलेंस नंबर 0532-2560844 गलत निकला। इतना ही नहीं उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य सतर्कता अधिकारी का नंबर 9794835002 उठा ही नहीं।
इसी तरह रेलवे बोर्ड के विजिलेंस अधिकारी पीके त्रिपाठी और एसओ विजिलेंस (क्राइम) आरडी राम सहित कई अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ते रहे।
उत्तर मध्य रेलवे के विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर 9415130947 पर शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।