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बेटी संग मिलकर की थी दामाद की हत्या, बरामद हुआ ये सब सामान
Sat, 11 Jan 2020 11:56 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:56 AM IST
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पुलिस की पकड़ में आए हत्या के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी कलाम अहमद की हत्या उसके ससुर नाजिमउद्दीन ने अपनी बेटी अफसरी खातून उर्फ गुड़िया के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड व संदूक भी बरामद कर लिया है। साथ ही कमाल अहमद के ससुर व उसकी पत्नी को जेल भेज दिया गया है।
एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, कलाम के परिवारीजनों ने निजामुद्दीन के अलावा उसकी पत्नी अफसरी खातून पर भी हत्या का आरोप लगाया था। कलाम के लापता होने पर परिवारीजनों ने ठाकुरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
बस्ती में उसकी लाश के साथ ससुर निजामुद्दीन के पकड़े जाने के बाद हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। निजामुद्दीन ने पूछताछ में कुबूला कि वह बस्ती में सेतु निगम में इंजीनियर के पद पर तैनात था। वर्ष 2011 में रिटायरमेंट के बाद वह लखनऊ आकर रहने लगा।
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सेवानिवृत्ति पर मिली रकम में से चार लाख रुपये दामाद ने उधार लिए थे। वह रुपया मांगते तो दामाद टाल देता। तीन जनवरी को वह दामाद के घर गए थे, जहां रुपयों की बात को लेकर हुए झगड़े के दौरान उन्होंने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। खून से लथपथ दामाद की मौत हो गई।
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एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, कलाम के परिवारीजनों ने निजामुद्दीन के अलावा उसकी पत्नी अफसरी खातून पर भी हत्या का आरोप लगाया था। कलाम के लापता होने पर परिवारीजनों ने ठाकुरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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बस्ती में उसकी लाश के साथ ससुर निजामुद्दीन के पकड़े जाने के बाद हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। निजामुद्दीन ने पूछताछ में कुबूला कि वह बस्ती में सेतु निगम में इंजीनियर के पद पर तैनात था। वर्ष 2011 में रिटायरमेंट के बाद वह लखनऊ आकर रहने लगा।
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सेवानिवृत्ति पर मिली रकम में से चार लाख रुपये दामाद ने उधार लिए थे। वह रुपया मांगते तो दामाद टाल देता। तीन जनवरी को वह दामाद के घर गए थे, जहां रुपयों की बात को लेकर हुए झगड़े के दौरान उन्होंने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। खून से लथपथ दामाद की मौत हो गई।
तीन दिन तक घर में ही छिपाए रहे शव
तीन दिन तक वह शव घर पर ही छिपाए रहे। मंगलवार को दुर्गंध आने पर उन्होंने शव ठिकाने लगाने के लिए बाजार से एक संदूक खरीदा। इसके बाद तीन कंबल व उसके ऊपर पन्नी में शव लपेटकर कुनैन व ओडोनिल की गोलियां डालीं और पिकप वाहन बुक कराकर शव बस्ती ले गए।
बस्ती की बड़ेवन पुलिस चौकी के पास संदूक उतारते ही पुलिस ने तलाशी ली तो हकीकत सामने आ गई। इसके बाद आरोपी को लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया गया। एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात को संदेह के आधार पर कमाल की पत्नी अफसरी खातून को हिरासत में लिया गया। देर रात तक पूछताछ की गई। पूछताछ में हत्या में शामिल होने की बात कुबूली।
बस्ती की बड़ेवन पुलिस चौकी के पास संदूक उतारते ही पुलिस ने तलाशी ली तो हकीकत सामने आ गई। इसके बाद आरोपी को लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया गया। एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात को संदेह के आधार पर कमाल की पत्नी अफसरी खातून को हिरासत में लिया गया। देर रात तक पूछताछ की गई। पूछताछ में हत्या में शामिल होने की बात कुबूली।