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ट्रक चालक की जुबानी-क्यों लगता है कानपुर-लखनऊ व अयोध्या हाईवे पर जाम
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ट्रक चालक की जुबानी-क्यों लगता है कानपुर-लखनऊ व अयोध्या हाईवे पर जाम
लखनऊ। कानपुर-लखनऊ व अयोध्या हाईवे पर जाम क्यों लगता है, इसको लेकर पुलिस के आला अफसरों ने विशेष टीम बनाई है। ये टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। पर, आज उनकी रिपोर्ट पढ़िए जो इस हाईवे से रोजाना गुजरते हैं। जाम की वजहों को खुद देखते हैं। ये हैं अमर उजाला के जागरूक पाठक मुकेश यादव। मुकेश ने बाकायदा अमर उजाला को पत्र लिखकर बताया कि जाम का कारण सिर्फ वही नहीं है जो अफसर बता रहे हैं। वे लिखते हैँ, जाम लगने के पीछे पुलिस ने ट्रक चालकों व ढाबा संचालकों सभी को दोषी ठहराया है। पर, जाम की असल वजहबैरिकेडिंग कर वसूली और मनमाने तरीके से ट्रकों को खड़ा करना है। पेश हैं मुकेश के पत्र के प्रमुख अंश....
जाम के संबंध में खबर पढ़कर बहुत चिंतित हूं। मैं एक ट्रक चालक हूं। रोज हाईवे पर आना-जाना होता है। इसलिए जाम लगने की असली वजह बता रहा हूं। हाईवे पर कांवड़ियों की मौत के बाद प्रशासन ने हाईवे पर ट्रक व भारी वाहनों के आवागमन बंद कर दिए। जाम लगने का यह सबसे बड़ा कारण है। कोई बड़ा अधिकारी मौके पर जाकर काम नहीं करता है। अगर कहीं कोई हादसा हो जाए तो समस्या का समाधान तलाशने के बजाय सीधे हाईवे बंद कर देते हैं। जो समस्या का समाधान नहीं है। इससे और समस्या होती है। पुलिस व प्रशासन के लोग मौके पर जाकर समाधान करने का प्रयास नहीं करते हैं। वे एसी कमरे में बैठे-बैठे आदेश देकर हाईवे बंद करवा देते हैं, जो कि गलत है। हाईवे बंद होने से जरूरी सामानों की आपूर्ति ठप हो जाती है। हादसा रोकने के लिए कांवड़ियों को सर्विस लेन पर निकाला जाए। रूट पर हर एक किलोमीटर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए जो कांवड़ियों को किनारे चलने का निर्देश देते रहें। ये पुलिसकर्मी भारी वाहनों को किनारे आने से भी रोकें।
बैरिकेडिंग लगाकर होने वाली वसूली बंद हो
चालक मुकेश ने लिखा है, हाईवे पर जाम लगने का सबसे बड़ा कारण बैरिकेडिंग लगाकर पुलिसकर्मियों की वसूली है। सड़क पर निकलने के लिए मात्र एक लाइन की जगह देते हैं। एक लाइन से न तो ट्रक निकल पाते हैं, न ही छोटे वाहन। अयोध्या हाईवे पर इंदिरा नहर के पास पुलिसकर्मी दिन में भी बैरिकेडिंग लगाकार वसूली करते हैं। हाईवे पर जाम लगने का तीसरा बड़ा कारण ट्रकों को बेतरतीब खड़ा करना भी है। चालक ज्यादातर समय हाईवे पर जगह-जगह ट्रक खड़ा कर देते हैं। इसके कारण एक लाइन बंद हो जाती है। जो जाम व हादसे का कारण है।
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नो एंट्री पर रुक-रुक कर निकलने दें
नो एंट्री समाप्त होने पर अक्सर जाम होता है। कारण-नो एंट्री खत्म होने पर सभी ट्रक अचानक से हाईवे पर आ जाते हैं, जो जाम का बड़ा कारण है। जहां पर मोड़ और कट हैं, वहां भीषण जाम लग जाता है। इसका समाधान यह है कि एंट्री प्वॉइंट पर पुलिस मुस्तैद हो। ये पुलिसकर्मी ट्रकों के निकलने में अंतर रखें। थोड़े-थोड़े ट्रक थोड़े-थोड़े अंतराल पर निकालें।
आदेश बेअसर, ढाबों के सामने जमे रहे वाहन
कानपुर रोड स्थित बंथरा थाना क्षेत्र के जुनाबगंज तिराहे पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए रविवार को एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार, डीएम सूर्यपाल गंगवार व तत्कालीन पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बंथरा से उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र तक निरीक्षण किया था। इस दौरान सड़क किनारे स्थित ढाबों के सामने खड़े वाहनों को देखकर अफसर नाराज हुए थे। ढाबा मालिकों को नोटिस दिया गया। लापरवाही के लिए इंस्पेक्टर बंथरा अशोक सोनकर को निलंबित कर दिया गया। सोमवार को पूरा दिन ढाबों के सामने वाहनों की कतारें लगी दिखीं।
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लखनऊ। कानपुर-लखनऊ व अयोध्या हाईवे पर जाम क्यों लगता है, इसको लेकर पुलिस के आला अफसरों ने विशेष टीम बनाई है। ये टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। पर, आज उनकी रिपोर्ट पढ़िए जो इस हाईवे से रोजाना गुजरते हैं। जाम की वजहों को खुद देखते हैं। ये हैं अमर उजाला के जागरूक पाठक मुकेश यादव। मुकेश ने बाकायदा अमर उजाला को पत्र लिखकर बताया कि जाम का कारण सिर्फ वही नहीं है जो अफसर बता रहे हैं। वे लिखते हैँ, जाम लगने के पीछे पुलिस ने ट्रक चालकों व ढाबा संचालकों सभी को दोषी ठहराया है। पर, जाम की असल वजहबैरिकेडिंग कर वसूली और मनमाने तरीके से ट्रकों को खड़ा करना है। पेश हैं मुकेश के पत्र के प्रमुख अंश....
जाम के संबंध में खबर पढ़कर बहुत चिंतित हूं। मैं एक ट्रक चालक हूं। रोज हाईवे पर आना-जाना होता है। इसलिए जाम लगने की असली वजह बता रहा हूं। हाईवे पर कांवड़ियों की मौत के बाद प्रशासन ने हाईवे पर ट्रक व भारी वाहनों के आवागमन बंद कर दिए। जाम लगने का यह सबसे बड़ा कारण है। कोई बड़ा अधिकारी मौके पर जाकर काम नहीं करता है। अगर कहीं कोई हादसा हो जाए तो समस्या का समाधान तलाशने के बजाय सीधे हाईवे बंद कर देते हैं। जो समस्या का समाधान नहीं है। इससे और समस्या होती है। पुलिस व प्रशासन के लोग मौके पर जाकर समाधान करने का प्रयास नहीं करते हैं। वे एसी कमरे में बैठे-बैठे आदेश देकर हाईवे बंद करवा देते हैं, जो कि गलत है। हाईवे बंद होने से जरूरी सामानों की आपूर्ति ठप हो जाती है। हादसा रोकने के लिए कांवड़ियों को सर्विस लेन पर निकाला जाए। रूट पर हर एक किलोमीटर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए जो कांवड़ियों को किनारे चलने का निर्देश देते रहें। ये पुलिसकर्मी भारी वाहनों को किनारे आने से भी रोकें।
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बैरिकेडिंग लगाकर होने वाली वसूली बंद हो
चालक मुकेश ने लिखा है, हाईवे पर जाम लगने का सबसे बड़ा कारण बैरिकेडिंग लगाकर पुलिसकर्मियों की वसूली है। सड़क पर निकलने के लिए मात्र एक लाइन की जगह देते हैं। एक लाइन से न तो ट्रक निकल पाते हैं, न ही छोटे वाहन। अयोध्या हाईवे पर इंदिरा नहर के पास पुलिसकर्मी दिन में भी बैरिकेडिंग लगाकार वसूली करते हैं। हाईवे पर जाम लगने का तीसरा बड़ा कारण ट्रकों को बेतरतीब खड़ा करना भी है। चालक ज्यादातर समय हाईवे पर जगह-जगह ट्रक खड़ा कर देते हैं। इसके कारण एक लाइन बंद हो जाती है। जो जाम व हादसे का कारण है।
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नो एंट्री पर रुक-रुक कर निकलने दें
नो एंट्री समाप्त होने पर अक्सर जाम होता है। कारण-नो एंट्री खत्म होने पर सभी ट्रक अचानक से हाईवे पर आ जाते हैं, जो जाम का बड़ा कारण है। जहां पर मोड़ और कट हैं, वहां भीषण जाम लग जाता है। इसका समाधान यह है कि एंट्री प्वॉइंट पर पुलिस मुस्तैद हो। ये पुलिसकर्मी ट्रकों के निकलने में अंतर रखें। थोड़े-थोड़े ट्रक थोड़े-थोड़े अंतराल पर निकालें।
आदेश बेअसर, ढाबों के सामने जमे रहे वाहन
कानपुर रोड स्थित बंथरा थाना क्षेत्र के जुनाबगंज तिराहे पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए रविवार को एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार, डीएम सूर्यपाल गंगवार व तत्कालीन पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बंथरा से उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र तक निरीक्षण किया था। इस दौरान सड़क किनारे स्थित ढाबों के सामने खड़े वाहनों को देखकर अफसर नाराज हुए थे। ढाबा मालिकों को नोटिस दिया गया। लापरवाही के लिए इंस्पेक्टर बंथरा अशोक सोनकर को निलंबित कर दिया गया। सोमवार को पूरा दिन ढाबों के सामने वाहनों की कतारें लगी दिखीं।