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परिवहन निगम करेगा बस अड्डों पर कोविड कोट तकनीक का प्रयोग, लखनऊ में होगा इस्तेमाल
Fri, 26 Jun 2020 02:33 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 26 Jun 2020 02:33 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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राज्य सड़क परिवहन निगम कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए कोविड कोट का प्रयोग करने पर विचार कर रहा है। निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले कैसरबाग बस अड्डे पर इसके प्रयोग किए जाने पर सहमति जताई है। प्रयोग सफल पाए जाने पर इसे अन्य बस अड्डों पर भी इस्तेमाल किया जाएगा।
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निगम के प्रबंध निदेशक डॉ राजशेखर ने बताया कि मेसर्स जर्म गार्ड द्वारा कोविड कोट (एंटी माइक्रोबियल कोटिंग आन सरफेसेस) टेक्नोलॉजी का प्रस्तुतिकरण किया गया। उन्होंने कहा कि संस्था ने दावा किया है कि केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भी यह माना है कि कोविडकोट तकनीक विभिन्न प्रकार की सतहों जैसे लोहा, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, लैपटॉप, फर्नीचर व फर्श आदि पर लगाए जाने पर विभिन्न प्रकार के संक्रमणों की रोकथाम में प्रभावी है।
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उन्होंने कहा कि संस्था के अनुसार कोरोना वायरस भी इंफ्लुएंजा वायरस जैसा ही है, इसलिए यह तकनीक संक्रमण को रोकने में सहायक होगी। कोविडकोट का मानव शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं होगा। एक बार किसी भी सतह को विसंक्रमित करने के बाद उस लगाई गई कोविडकोट की परत का प्रभाव तीन माह (90 दिन) तक रहता है।
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प्रबंध निदेशक ने कहा कि कोविडकोट को अवध बस स्टेशन व कैसरबाग बस स्टेशन के एसी प्रतीक्षालय और मुख्यालय स्थित आगंतुक कक्ष में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नि:शुल्क प्रयोग करने की अनुमति दी गई है। तीन महीने का समय पूरा होने इसकी उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा और तब निगम के बस स्टेशनों व विभागीय कार्यालयों पर कोविडकोट के प्रयोग पर विचार किया जाएगा।