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Lucknow News: ट्रांसमिशन निर्माण अधर में, बिजली संकट बरकरार
Mon, 19 Aug 2024 03:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 19 Aug 2024 03:17 AM IST
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रायबरेली। सलोन क्षेत्र के सिरसिरा में निर्माणाधीन जिले का सबसे बड़ा 400 केवी का ट्रांसमिशन निर्माण तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इससे जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं के अलावा अमेठी और प्रतापगढ़ जिले के लोगों को लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से राहत नहीं मिल पा रही है। यह हाल तब है, जब पहले से काम कर रही एजेंसी को डिबार घोषित किया गया। काम दूसरी एजेंसियों को दिया गया। इसके बावजूद तेजी नहीं आई है।
ट्रांसमिशन का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था और चेन्नई की एजेंसी बीजीआर को काम सौंपा गया था। यह काम 2021 में पूरा हो जाना था। एजेंसी को कई बार समय दिया गया, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। इसकी वजह से एजेंसी को डिबार घोषित करते हुए काम दूसरी एजेंसियों से कराने का कवायद शुरू हुई। फरवरी 2024 में कंट्रोल रूम समेत 11 करोड़ के कार्यों का टेंडर निकाला गया। एजेंसियों को काम पूरा करने के लिए 75 दिन का समय दिया गया, लेकिन इसके बाद भी काम अधूरा है।
सिविल का काम नहीं हो सका पूरा
375 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रांसमिशन में सिविल का काम पूरा नहीं होने से अभी तक ट्रांसफार्मर, पैनल समेत अन्य उपकरण नहीं लग पाए हैं।
लाइनें बनकर तैयार, नहीं दौड़ा करंट
400 केवी ट्रांसमिशन से 132, 220 केवी के ट्रांसमिशन जोड़े जाएंगे। इसके लिए लाइनें बनकर तैयार हो गई हैं, लेकिन ट्रांसमिशन में ट्रांसफार्मर नहीं लग पाए हैं। इसकी वजह से लाइनों में करंट नहीं दौड़ पाया है। लिहाजा उपभोक्ता इस ट्रांसमिशन का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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शेष काम जल्द होगा पूरा
ट्रांसमिशन में सिविल का काम लगभग पूरा हो गया है। थोड़ा बहुत काम जो बचा है, उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर समेत अन्य उपकरण लगाए जाएंगे।
-आशीष कुमार, अवर अभियंता सिविल डिवीजन लखनऊ
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ट्रांसमिशन का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था और चेन्नई की एजेंसी बीजीआर को काम सौंपा गया था। यह काम 2021 में पूरा हो जाना था। एजेंसी को कई बार समय दिया गया, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। इसकी वजह से एजेंसी को डिबार घोषित करते हुए काम दूसरी एजेंसियों से कराने का कवायद शुरू हुई। फरवरी 2024 में कंट्रोल रूम समेत 11 करोड़ के कार्यों का टेंडर निकाला गया। एजेंसियों को काम पूरा करने के लिए 75 दिन का समय दिया गया, लेकिन इसके बाद भी काम अधूरा है।
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सिविल का काम नहीं हो सका पूरा
375 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रांसमिशन में सिविल का काम पूरा नहीं होने से अभी तक ट्रांसफार्मर, पैनल समेत अन्य उपकरण नहीं लग पाए हैं।
लाइनें बनकर तैयार, नहीं दौड़ा करंट
400 केवी ट्रांसमिशन से 132, 220 केवी के ट्रांसमिशन जोड़े जाएंगे। इसके लिए लाइनें बनकर तैयार हो गई हैं, लेकिन ट्रांसमिशन में ट्रांसफार्मर नहीं लग पाए हैं। इसकी वजह से लाइनों में करंट नहीं दौड़ पाया है। लिहाजा उपभोक्ता इस ट्रांसमिशन का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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शेष काम जल्द होगा पूरा
ट्रांसमिशन में सिविल का काम लगभग पूरा हो गया है। थोड़ा बहुत काम जो बचा है, उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर समेत अन्य उपकरण लगाए जाएंगे।
-आशीष कुमार, अवर अभियंता सिविल डिवीजन लखनऊ