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Lucknow News: फर्श धंसी-बोरिंग फेल... नुकसान देख निकल रहे आंसू
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बाढ़ से पीड़ित लोग।
जितेंद्र अवस्थी
लखनऊ। नदी का पानी घरों से निकला तो बर्बादी की तस्वीर सामने आई। किसी के घर की फर्श धंसी तो किसी के घर की दीवारों में दरार और पानी भर जाने से बोरिंग फेल हो गई। घर में लगी स्वरोजगार इकाई की मशीनें भी बेकार हो गईं। नुकसान देख लोगों की आंखों में आंसू हैं।
फैजुल्लागंज में करीब चार किलोमीटर के दायरे में पानी ही पानी नजर आता है। कुछ लोग घरों की छत पर कैद हैं। कई परिवार किराये के कमरे में बसर कर रहे हैं। हालांकि, जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। कुछ इलाकों में घरों में भरा पानी तो निकल गया है, मगर सड़क और आसपास तीन से चार फीट तक पानी भरा है।
समेट नहीं सके थे सामान, लाखों का नुकसान
फैजुल्लागंज के लोहरामऊ में जमीन से करीब पांंच फीट ऊंचाई पर बने मकानों से पानी निकल गया है। लोगों ने घरों की सफाई कर ली। जाहिद ने बताया कि पानी भरा रहने से कमरे की फर्श धंस गई है। अंदर के कमरे में रखा सब सामान खराब हो गया है। कमरून्निशा के घर की फर्श भी खराब हो गई है। कलीमा के घर में सबमर्सिबल की बोरिंग फेल हो गई है। उन्होंने बताया कि कई अन्य लोगों की बोरिंग को भी नुकसान पहुंचा है। गुड्डू और शमीम भी नुकसान देखकर परेशान हैं।
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घर में थी बेकरी, दो लाख की मशीनें खराब
लोहरामऊ की रामगुनी घर में ही बेकरी का काम करती हैं। अचानक से पानी भरा तो ओवन और अन्य मशीनें जद में आ गईं। बताया कि उन्हें करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रामगुनी और उनका परिवार 15 दिनों से घर की छत पर पनाह लिए है। अशोक चौरसिया को भी काफी नुकसान हुआ है।
घर वापसी से पहले हालातों का जायजा
घर में पानी भरने से जिंदगी मुश्किल हुई तो दूसरे मोहल्लों में किराये पर रहने वाले कई लोग बुधवार को फैजुल्लागंज पहुंचे। सुमन मौर्या ने बताया कि वे परिवार समेत 29 सितंबर को घर से निकल गई थीं। थोड़ा पानी कम हुआ है तो स्थिति देखने आई हैं। मामा काॅलोनी की अलीमुन और सलीमुन भी नाव से घर की स्थिति देखने पहुंची। लोहरामऊ के रामकुमार नाव के सहारे घर पहुंचे।
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लखनऊ। नदी का पानी घरों से निकला तो बर्बादी की तस्वीर सामने आई। किसी के घर की फर्श धंसी तो किसी के घर की दीवारों में दरार और पानी भर जाने से बोरिंग फेल हो गई। घर में लगी स्वरोजगार इकाई की मशीनें भी बेकार हो गईं। नुकसान देख लोगों की आंखों में आंसू हैं।
फैजुल्लागंज में करीब चार किलोमीटर के दायरे में पानी ही पानी नजर आता है। कुछ लोग घरों की छत पर कैद हैं। कई परिवार किराये के कमरे में बसर कर रहे हैं। हालांकि, जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। कुछ इलाकों में घरों में भरा पानी तो निकल गया है, मगर सड़क और आसपास तीन से चार फीट तक पानी भरा है।
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समेट नहीं सके थे सामान, लाखों का नुकसान
फैजुल्लागंज के लोहरामऊ में जमीन से करीब पांंच फीट ऊंचाई पर बने मकानों से पानी निकल गया है। लोगों ने घरों की सफाई कर ली। जाहिद ने बताया कि पानी भरा रहने से कमरे की फर्श धंस गई है। अंदर के कमरे में रखा सब सामान खराब हो गया है। कमरून्निशा के घर की फर्श भी खराब हो गई है। कलीमा के घर में सबमर्सिबल की बोरिंग फेल हो गई है। उन्होंने बताया कि कई अन्य लोगों की बोरिंग को भी नुकसान पहुंचा है। गुड्डू और शमीम भी नुकसान देखकर परेशान हैं।
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घर में थी बेकरी, दो लाख की मशीनें खराब
लोहरामऊ की रामगुनी घर में ही बेकरी का काम करती हैं। अचानक से पानी भरा तो ओवन और अन्य मशीनें जद में आ गईं। बताया कि उन्हें करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रामगुनी और उनका परिवार 15 दिनों से घर की छत पर पनाह लिए है। अशोक चौरसिया को भी काफी नुकसान हुआ है।
घर वापसी से पहले हालातों का जायजा
घर में पानी भरने से जिंदगी मुश्किल हुई तो दूसरे मोहल्लों में किराये पर रहने वाले कई लोग बुधवार को फैजुल्लागंज पहुंचे। सुमन मौर्या ने बताया कि वे परिवार समेत 29 सितंबर को घर से निकल गई थीं। थोड़ा पानी कम हुआ है तो स्थिति देखने आई हैं। मामा काॅलोनी की अलीमुन और सलीमुन भी नाव से घर की स्थिति देखने पहुंची। लोहरामऊ के रामकुमार नाव के सहारे घर पहुंचे।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।

बाढ़ से पीड़ित लोग।