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यूपी सचिवालय में कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को फेटने की तैयारी, ऐसे होगा तबादला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:58 AM IST
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उत्तर प्रदेश सचिवालय में ई-ऑफिस व्यवस्था और चक्रीय स्थानान्तरण नीति जारी होने के बाद कंप्यूटर सहायक से विशेष सचिव तक के कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले की तैयारी है। सचिवालय प्रशासन विभाग ने तीनों श्रेणी में बिताए कार्यकाल का लेखा-जोखा सामने रखते हुए कर्मचारियों से अगली तैनाती का विकल्प मांगा है। इस महीने के अंत तक एक समूह से दूसरे समूह में तबादले हो जाएंगे।
सचिवालय में करीब चार हजार अधिकारियों व कर्मचारियों में से अधिकतर वर्षों से एक ही विभाग में जमे हैं। पहले की स्थानान्तरण नीति इन्हें हटाने में सफल नहीं हुई। इसके बाद योगी सरकार ने चक्रीय स्थानान्तरण नीति बनाई। इसमें सचिवालय के कुल 93 विभागों के तीन समूह बनाए गए हैं।
हर समूह में 31 विभाग हैं। कोई भी अधिकारी व कर्मचारी चिह्नित समूहों में से किसी एक समूह के विभागों में पूरे सेवाकाल में अधिकतम 12 वर्षों तक रह सकता है। इसके बाद अनिवार्य रूप से दूसरे समूह के विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि एक ही विभाग में पद के अनुसार कर्मचारी तीन से सात वर्ष तक तैनात रह पाएंगे। गोपन अनुभाग-1 को स्थानान्तरण नीति से मुक्त रखा गया है।
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सचिवालय में करीब चार हजार अधिकारियों व कर्मचारियों में से अधिकतर वर्षों से एक ही विभाग में जमे हैं। पहले की स्थानान्तरण नीति इन्हें हटाने में सफल नहीं हुई। इसके बाद योगी सरकार ने चक्रीय स्थानान्तरण नीति बनाई। इसमें सचिवालय के कुल 93 विभागों के तीन समूह बनाए गए हैं।
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हर समूह में 31 विभाग हैं। कोई भी अधिकारी व कर्मचारी चिह्नित समूहों में से किसी एक समूह के विभागों में पूरे सेवाकाल में अधिकतम 12 वर्षों तक रह सकता है। इसके बाद अनिवार्य रूप से दूसरे समूह के विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि एक ही विभाग में पद के अनुसार कर्मचारी तीन से सात वर्ष तक तैनात रह पाएंगे। गोपन अनुभाग-1 को स्थानान्तरण नीति से मुक्त रखा गया है।
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चुनाव से तबादले का होगा असर
उत्तर प्रदेश सचिवालय
- फोटो : amar ujala
योगी सरकार की चक्रीय स्थानान्तरण नीति से सचिवालय में करीब 1000 से 1100 कर्मचारी और अफसर इधर- उधर हो सकते हैं। कई अनुभागों और विभागों में आधे से अधिक कर्मियों के हटने की नौबत आ सकती है। लोकसभा चुनाव से पहले इतने बड़े स्तर पर तबादलों का असर शासन के निर्णयों के क्रियान्वयन और योजनाओं के अमल पर पड़ सकता है। मगर, नीति की खास बात यह है कि अधिकारियों व कर्मचारियों की वर्षों से तैनाती से जो एकाधिकार बना हुआ है, वह टूटेगा और कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
पूरे सेवाकाल में एक विभाग में अधिकतम इस तरह होगी तैनाती
विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव व अनु सचिव : 3-3 वर्ष
अनुभाग अधिकारी व समीक्षा अधिकारी : 5-5 वर्ष
सहायक समीक्षा अधिकारी व कंप्यूटर सहायक : 7-7 वर्ष
पूरे सेवाकाल में एक विभाग में अधिकतम इस तरह होगी तैनाती
विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव व अनु सचिव : 3-3 वर्ष
अनुभाग अधिकारी व समीक्षा अधिकारी : 5-5 वर्ष
सहायक समीक्षा अधिकारी व कंप्यूटर सहायक : 7-7 वर्ष
इस तरह होगा तबादला
समूह-1 के विभागों में कई पदों पर कार्य करते हुए यदि किसी कार्मिक की कार्य अवधि 12 वर्ष पूरी हो जाती है तो उसे समूह-3 के विभागों में भेजा जाएगा।
समूह-3 के विभागों में कई पदों पर कार्य की समयसीमा पूरी करने वाले कार्मिक समूह-2 के किसी विभाग में भेजे जाएंगे।
समूह-2 के विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य की समयसीमा पूरी करने वाले कार्मिक समूह-1 के किसी विभाग में भेजें जाएंगे।
किसी अधिकारी या कर्मचारी का जिस समूह में तबादला संभावित है, वह उस समूह के विभागों में से किसी वरीयता क्रम में तीन विभाग का विकल्प दे सकता है।
सचिवालय प्रशासन को वापस नहीं होंगे कर्मी, शिकायत पर दंड मिलेगा
नई नीति के अनुसार, समूह क, ख और ग के किसी भी कर्मी को किसी भी स्तर से सचिवालय प्रशासन विभाग को वापस नहीं किया जा सकेगा। यदि प्रशासकीय विभाग के अधिकारी यह महसूस करते हैं कि कोई कर्मी प्रशासकीय दायित्व का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहा है तो वह उसके तबादले के बारे में कारणों सहित संस्तुति पत्र सचिवालय प्रशासन को भेजेगा। साथ ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोप-पत्र भी देगा।
ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन
समूह ‘क’, ‘ख’ व ‘ग’ के अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी विभाग में तय समय पूरा करने के बाद तबादले के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए ई-ऑफिस के जरिये ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख हर वर्ष 31 मार्च होगी।
समूह-3 के विभागों में कई पदों पर कार्य की समयसीमा पूरी करने वाले कार्मिक समूह-2 के किसी विभाग में भेजे जाएंगे।
समूह-2 के विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य की समयसीमा पूरी करने वाले कार्मिक समूह-1 के किसी विभाग में भेजें जाएंगे।
किसी अधिकारी या कर्मचारी का जिस समूह में तबादला संभावित है, वह उस समूह के विभागों में से किसी वरीयता क्रम में तीन विभाग का विकल्प दे सकता है।
सचिवालय प्रशासन को वापस नहीं होंगे कर्मी, शिकायत पर दंड मिलेगा
नई नीति के अनुसार, समूह क, ख और ग के किसी भी कर्मी को किसी भी स्तर से सचिवालय प्रशासन विभाग को वापस नहीं किया जा सकेगा। यदि प्रशासकीय विभाग के अधिकारी यह महसूस करते हैं कि कोई कर्मी प्रशासकीय दायित्व का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहा है तो वह उसके तबादले के बारे में कारणों सहित संस्तुति पत्र सचिवालय प्रशासन को भेजेगा। साथ ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोप-पत्र भी देगा।
ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन
समूह ‘क’, ‘ख’ व ‘ग’ के अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी विभाग में तय समय पूरा करने के बाद तबादले के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए ई-ऑफिस के जरिये ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख हर वर्ष 31 मार्च होगी।