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ट्रैफिक पुलिस ने इन बुजुर्ग को घर पहुंचाने में की मदद , सड़क पर पड़े थे बेहोश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:00 PM IST
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मनीराम
- फोटो : amarujala
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लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक बुजुर्ग ने शुक्रवार दोपहर एसबीआई की मुख्य शाखा से पेंशन के 28 सौ रुपये निकाले और मोती महल लॉन के पास गश खाकर सड़क पर गिर गए। ट्रैफिक पुलिस के एसआई ने भीड़ देखकर माजरा समझा। जेब से मिली पासबुक के आधार पर जानकारी जुटाई और बुजुर्ग को घर पहुंचाया।
एसबीआई के अधिकारियों व बुजुर्ग के परिवारीजनों ने पुलिस की सराहना की। टीएसआई अनिल सिंह ने बताityया कि टीम लेकर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे। मोती महल लॉन के पास भीड़ देखकर माजरा समझने पहुंचे। सड़क पर बेहोश पड़े बुजुर्ग को लोग नशे में समझ रहे थे। उनके पैर में चप्पल नहीं थी। चेहरे पर पानी डालकर होश में लाने का प्रयास किया।
जेब में एसबीआई की पासबुक व 28सौ रुपये के अलावा कुछ नहीं था। बुजुर्ग को कुर्सी पर बैठाकर परिवारीजनों के बारे में जानने की कोशिश की। मानसिक स्थित ठीक नजर न आने पर बैंक में तहकीकात की। बुजुर्ग की पहचान ठाकुरगंज के पुराना तोपखाना बालागंज निवासी मनीराम के रूप में हुई।
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वह कई साल पहले एसबीआई से सेवानिवृत्त हुए थे। पेंशन खाते से 28 सौ रुपये निकालकर घर जा रहे थे। बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने पर टीएसआई ने बैंक के एक कर्मचारी की मदद बुजुर्ग को गाड़ी में बैठाकर उनके घर पहुंचाया। पता चला कि सुबह घर से निकले मनीराम के न लौटने पर परिवारीजन तलाश कर रहे थे।
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एसबीआई के अधिकारियों व बुजुर्ग के परिवारीजनों ने पुलिस की सराहना की। टीएसआई अनिल सिंह ने बताityया कि टीम लेकर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे। मोती महल लॉन के पास भीड़ देखकर माजरा समझने पहुंचे। सड़क पर बेहोश पड़े बुजुर्ग को लोग नशे में समझ रहे थे। उनके पैर में चप्पल नहीं थी। चेहरे पर पानी डालकर होश में लाने का प्रयास किया।
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जेब में एसबीआई की पासबुक व 28सौ रुपये के अलावा कुछ नहीं था। बुजुर्ग को कुर्सी पर बैठाकर परिवारीजनों के बारे में जानने की कोशिश की। मानसिक स्थित ठीक नजर न आने पर बैंक में तहकीकात की। बुजुर्ग की पहचान ठाकुरगंज के पुराना तोपखाना बालागंज निवासी मनीराम के रूप में हुई।
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वह कई साल पहले एसबीआई से सेवानिवृत्त हुए थे। पेंशन खाते से 28 सौ रुपये निकालकर घर जा रहे थे। बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने पर टीएसआई ने बैंक के एक कर्मचारी की मदद बुजुर्ग को गाड़ी में बैठाकर उनके घर पहुंचाया। पता चला कि सुबह घर से निकले मनीराम के न लौटने पर परिवारीजन तलाश कर रहे थे।