{"_id":"6982628889fd9e6bf7041b92","slug":"tomatoes-and-peas-suffer-losses-vegetables-may-become-expensive-lucknow-news-c-13-knp1002-1589140-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: टमाटर और मटर को नुकसान, महंगी हो सकती हैं सब्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: टमाटर और मटर को नुकसान, महंगी हो सकती हैं सब्जियां
विज्ञापन
बारिश से भीगी सरसों की फसल।
लखनऊ। मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश व ओले गिरने से ग्रामीण इलाकों में टमाटर और मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे आने वाले दिनों में सब्जियां महंगी होने के आसार हैं। अगर मौसम नहीं सुधरा और खेत में सब्जियां खराब हुईं तो सहालग के दिनों में दाम ज्यादा चढ़ेंगे।
बीकेटी के हेमंत कुमार सिंह, रामदास यादव ने बताया कि वह मटर और टमाटर की खेती करते हैं। बारिश से खेत में जलभराव होने से सब्जियों के सड़ने का खतरा पैदा होता है। फसल तोड़ने के वक्त पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है। सीतापुर रोड स्थित सब्जी मंडी के आढ़ती रिंकू सोनकर ने बताया कि मंगलवार सुबह दो से तीन घंटे बारिश हुई। मंडी में सुबह ही सौदा होता है। इससे ज्यादातर आढ़तियों का आधा ही सौदा हुआ। एक दिन में बहुत फर्क नहीं आता है, लेकिन अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो मंडी में सब्जियों के भाव पर असर पड़ेगा।
कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यह बारिश गेहूं, आलू, चना, मसूर और गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है, मगर आम की फसल में रोग का खतरा बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
किसानों को जागरूक रहने की जरूरत
डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चने की फसल पुष्पन अवस्था में है। लगातार नमी रहने से फंगस जनित रोग एवं फूल झड़ने की समस्या हो सकती है। सरसों में फूल आया हुआ है। बारिश से सफेद रतुआ और डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश से फसल में जलभराव, कंद सड़न और पछेती झुलसा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए समय पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार दवाओं का इस्तेमाल करें, जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके और बेहतर उत्पादन मिले।
मिर्च, अदरक, आंवले में 20-30 रुपये की तेजी
नरही के सब्जी विक्रेता रंजीत व अमन ने बताया कि 80-100 रुपये किलो वाली हरी मिर्च 100-120 हो गई है। 40 रुपये वाला आंवला 60 तो अदरक 80 से 100 रुपये किलो पहुंच गई है। लौकी कद्दू 30-40, टमाटर 30, बैगन 40-50, खीरा 50-60, गाजर और मटर 30 व आलू 20-30 रुपये किलो बिक रहा है।
विज्ञापन
बीकेटी के हेमंत कुमार सिंह, रामदास यादव ने बताया कि वह मटर और टमाटर की खेती करते हैं। बारिश से खेत में जलभराव होने से सब्जियों के सड़ने का खतरा पैदा होता है। फसल तोड़ने के वक्त पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है। सीतापुर रोड स्थित सब्जी मंडी के आढ़ती रिंकू सोनकर ने बताया कि मंगलवार सुबह दो से तीन घंटे बारिश हुई। मंडी में सुबह ही सौदा होता है। इससे ज्यादातर आढ़तियों का आधा ही सौदा हुआ। एक दिन में बहुत फर्क नहीं आता है, लेकिन अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो मंडी में सब्जियों के भाव पर असर पड़ेगा।
विज्ञापन
कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यह बारिश गेहूं, आलू, चना, मसूर और गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है, मगर आम की फसल में रोग का खतरा बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
किसानों को जागरूक रहने की जरूरत
डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चने की फसल पुष्पन अवस्था में है। लगातार नमी रहने से फंगस जनित रोग एवं फूल झड़ने की समस्या हो सकती है। सरसों में फूल आया हुआ है। बारिश से सफेद रतुआ और डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश से फसल में जलभराव, कंद सड़न और पछेती झुलसा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए समय पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार दवाओं का इस्तेमाल करें, जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके और बेहतर उत्पादन मिले।
मिर्च, अदरक, आंवले में 20-30 रुपये की तेजी
नरही के सब्जी विक्रेता रंजीत व अमन ने बताया कि 80-100 रुपये किलो वाली हरी मिर्च 100-120 हो गई है। 40 रुपये वाला आंवला 60 तो अदरक 80 से 100 रुपये किलो पहुंच गई है। लौकी कद्दू 30-40, टमाटर 30, बैगन 40-50, खीरा 50-60, गाजर और मटर 30 व आलू 20-30 रुपये किलो बिक रहा है।