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फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले को दबोचा, कई धंधे करता था शातिर
Sun, 14 Jul 2019 01:16 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sun, 14 Jul 2019 01:16 PM IST
सार
- मल्टी लेवल मार्केटिंग, फिल्म प्रोडक्शन, बैंकिंग व रीयल एस्टेट समेत कई धंधे करता था शातिर
- गोमतीनगर में ठगी के शिकार लोगों ने बहाने से बुलाकर पकड़ा, पुलिस कर रही पूछताछ
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आरोपी प्रिंस
- फोटो : amar ujala
विस्तार
फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी आजमगढ़ के सुधांशु श्रीवास्तव उर्फ प्रिंस को शनिवार शाम पीड़ितों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वह मल्टी लेवल मार्केटिंग, फिल्म प्रोडक्शन, बैंकिंग, टेक्सटाइल, रीयल एस्टेट समेत कई धंधे करता था।
सुधांशु व उसके साथियों को एसटीएफ ने फरवरी में गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से ठगी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर का कहना है कि ठगी के शिकार कई लोगों ने सुधांशु के खिलाफ तहरीर दी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुधांशु के खिलाफ गोमतीनगर, विभूतिखंड समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। उसके गिरोह का सरगना आजमगढ़ निवासी व ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस का डायरेक्टर अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय है। सुधांशु ने नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी व नीलिमा निधि डेली डिपॉजिट कलेक्शन बैंक, नीलिमा एडवरटाइजिंग एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड व आंब्रे टेक्सटाइल कंपनी बनाकर ठगी का मायाजाल फैलाया था।
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सुधांशु व उसके साथियों को एसटीएफ ने फरवरी में गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से ठगी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर का कहना है कि ठगी के शिकार कई लोगों ने सुधांशु के खिलाफ तहरीर दी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि सुधांशु के खिलाफ गोमतीनगर, विभूतिखंड समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। उसके गिरोह का सरगना आजमगढ़ निवासी व ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस का डायरेक्टर अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय है। सुधांशु ने नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी व नीलिमा निधि डेली डिपॉजिट कलेक्शन बैंक, नीलिमा एडवरटाइजिंग एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड व आंब्रे टेक्सटाइल कंपनी बनाकर ठगी का मायाजाल फैलाया था।
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उसने विनीतखंड में नीलिमा निधि डेली डिपॉजिट कलेक्शन बैंक खोलकर छह महीने की स्कीम लांच की। सुधांशु ने स्कीम में छह महीने तक एक निश्चित राशि जमा करने और मैच्योरिटी होने पर कंपनी आकर्षक ब्याज के साथ रुपया वापस करने का आश्वासन दिया था।
लखनऊ के साथ ही कानपुर व आसपास के जनपदों में भी उसने लोगों से रुपया ऐंठा। मैच्योरिटी अवधि होने से पहले ही उसे एसटीएफ ने दबोच लिया। इसके बाद सुधांशु ने कंपनी के ऑफिस में ताला लगा दिया। रुपये जमा करने वाले पीड़ित उसे तलाश रहे थे।
शनिवार को राजभवन निवासी केपी पांडेय व अन्य निवेशकों ने सुधांशु को फोन कर बातचीत की और बहाने से मिलने को कहा। सुधांशु ने उन्हें गोमतीनगर की एक जगह पर बुलाया जहां से उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दे दी गई।
लखनऊ के साथ ही कानपुर व आसपास के जनपदों में भी उसने लोगों से रुपया ऐंठा। मैच्योरिटी अवधि होने से पहले ही उसे एसटीएफ ने दबोच लिया। इसके बाद सुधांशु ने कंपनी के ऑफिस में ताला लगा दिया। रुपये जमा करने वाले पीड़ित उसे तलाश रहे थे।
शनिवार को राजभवन निवासी केपी पांडेय व अन्य निवेशकों ने सुधांशु को फोन कर बातचीत की और बहाने से मिलने को कहा। सुधांशु ने उन्हें गोमतीनगर की एक जगह पर बुलाया जहां से उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दे दी गई।
सुधांशु के गिरफ्त में आने की खबर मिलते ही कई निवेशक गोमतीनगर थाने पहुंच गए। जानकीपुरम विस्तार निवासी रॉबिन, उजरियांव के मो. कयूम, विभवखंड निवासी इमरान अहमद, इरफान, पत्रकारपुरम के सुचित राम यादव समेत ठगी के शिकार करीब 50 लोगों ने थाना पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पीड़ितों ने बताया कि कंपनी की डायरेक्टर नीलिमा श्रीवास्तव, सुधांशु श्रीवास्तव व अभिषेक कुमार श्रीवास्तव हैं।
मालूम हो कि सुधांशु और उसके साथी अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय, नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट के प्रमोटर पानीपत निवासी प्रदीप शर्मा, ग्रोवेल कंपनी के अधिकारी व नीलिमा कंपनी के सेल्स मैनेजर पीलीभीत निवासी अहमद मियां उर्फ राजू और दिल्ली में रहने वाले नीलिमा कंपनी के अकाउंटेंट मो. साहिल को एसटीएफ ने फरवरी महीने में गिरफ्तार किया था।
पकड़े गए जालसाजों ने बताया था कि वह आठ साल से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में संगठित गिरोह बनाकर मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। अब तक जालसाजों ने 100 करोड़ से अधिक की रकम ठगी है।
मालूम हो कि सुधांशु और उसके साथी अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय, नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट के प्रमोटर पानीपत निवासी प्रदीप शर्मा, ग्रोवेल कंपनी के अधिकारी व नीलिमा कंपनी के सेल्स मैनेजर पीलीभीत निवासी अहमद मियां उर्फ राजू और दिल्ली में रहने वाले नीलिमा कंपनी के अकाउंटेंट मो. साहिल को एसटीएफ ने फरवरी महीने में गिरफ्तार किया था।
पकड़े गए जालसाजों ने बताया था कि वह आठ साल से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में संगठित गिरोह बनाकर मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। अब तक जालसाजों ने 100 करोड़ से अधिक की रकम ठगी है।