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Lucknow News: दीवानी कचहरी में रहेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, चेकिंग के बाद मिलेगी इंट्री
Thu, 08 Jun 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 08 Jun 2023 11:48 PM IST
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रायबरेली। दीवानी कचहरी में आने जाने वाले वकीलों और फरियादियों की सुरक्षा को लेकर त्रिस्तरीय घेरा बनाया गया है। चेकिंग के बाद ही कचहरी के अंदर इंट्री मिलेगी। लखनऊ में कोर्ट परिसर में हुई एक अपराधी की हत्या के बाद बृहस्पतिवार को यह निर्णय लिया गया। सीसीटीवी कैमरे से कचहरी आने वाले संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सीओ सदर वंदना सिंह, कोतवाल संजय त्यागी ने संदिग्ध लोगों की चेकिंग की।
मौजूदा समय में गर्मी के सीजन में प्रतिदिन अधिवक्ता और फरियादी मिलाकर पांच हजार से ज्यादा लोगों का दीवानी कचहरी आना जाना रहता है। सर्दी के समय में यह आंकड़ा आठ हजार से ज्यादा पहुंच जाता है। ऐसे में कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाना एक चुनौती रहती है। लखनऊ की हुई घटना ने एक बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। ऐसे में कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस महकमा गंभीर हो गया है। इसके लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक कचहरी की बाहर की सुरक्षा के लिए क्यूआरटी लगाई गई है। कचहरी गेट पर चेकिंग पुलिस पार्टी लगाई गई है।
कचहरी परिसर के अंदर मोबाइल पार्टी लगाई गई है। न्यायालय परिसर में लगे 92 सीसीटीवी कैमरे पूर्णत: सक्रिय हंै। न्यायालय परिसर मेें होने वाली प्रत्येक गतिविधि की नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। एसपी ने निर्देश दिए कि अधिवक्ताओं के परिचय पत्र और उनके सीओपी (प्रैक्टिस प्रमाणपत्र) चेक करके ही परिसर में प्रवेश कराया जाए। उनके वाहनों पर एक निश्चित पास लगाकर ही पार्किंग में प्रवेश दिया जाए। ऐसा होने से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रहेगी।
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लखनऊ सिविल कोर्ट में बुधवार को संजीव जीवा की हत्या के बाद दीवानी कचहरी परिसर में भी सख्ती बरती जा रही है। सेंट्रलबार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्र जारी कर सभी वकीलों से नौ जून से अपना सीओपी, बार काउंसिल परिचय पत्र अथवा सेंट्रल बार एसोसिएशन से जारी अपना परिचय पत्र लेकर ही दीवानी कचहरी में प्रवेश करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को अधिवक्ता अपना परिचय पत्र अवश्य दिखाएं, ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर सके।
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मौजूदा समय में गर्मी के सीजन में प्रतिदिन अधिवक्ता और फरियादी मिलाकर पांच हजार से ज्यादा लोगों का दीवानी कचहरी आना जाना रहता है। सर्दी के समय में यह आंकड़ा आठ हजार से ज्यादा पहुंच जाता है। ऐसे में कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाना एक चुनौती रहती है। लखनऊ की हुई घटना ने एक बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। ऐसे में कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस महकमा गंभीर हो गया है। इसके लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक कचहरी की बाहर की सुरक्षा के लिए क्यूआरटी लगाई गई है। कचहरी गेट पर चेकिंग पुलिस पार्टी लगाई गई है।
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कचहरी परिसर के अंदर मोबाइल पार्टी लगाई गई है। न्यायालय परिसर में लगे 92 सीसीटीवी कैमरे पूर्णत: सक्रिय हंै। न्यायालय परिसर मेें होने वाली प्रत्येक गतिविधि की नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। एसपी ने निर्देश दिए कि अधिवक्ताओं के परिचय पत्र और उनके सीओपी (प्रैक्टिस प्रमाणपत्र) चेक करके ही परिसर में प्रवेश कराया जाए। उनके वाहनों पर एक निश्चित पास लगाकर ही पार्किंग में प्रवेश दिया जाए। ऐसा होने से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रहेगी।
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लखनऊ सिविल कोर्ट में बुधवार को संजीव जीवा की हत्या के बाद दीवानी कचहरी परिसर में भी सख्ती बरती जा रही है। सेंट्रलबार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्र जारी कर सभी वकीलों से नौ जून से अपना सीओपी, बार काउंसिल परिचय पत्र अथवा सेंट्रल बार एसोसिएशन से जारी अपना परिचय पत्र लेकर ही दीवानी कचहरी में प्रवेश करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को अधिवक्ता अपना परिचय पत्र अवश्य दिखाएं, ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर सके।