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Lucknow News: 37 लाख की कर चोरी करने वाले गिरोह के तीन शातिर गिरफ्तार

Sat, 21 Feb 2026 02:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 02:27 AM IST
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Three criminals involved in tax evasion of Rs 37 lakh arrested
लखनऊ। बोगस फर्म बनाकर 4.70 करोड़ रुपये का फर्जी लेनदेन दर्शाते हुए 37 लाख की कर चोरी करने वाले एक और गिरोह के तीन शातिरों को महानगर व साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। मास्टर माइंड व फर्जीवाड़े में शामिल व्यापारियों और अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही है।
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डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपियों में पारा के सलेमपुर पतौरा का दीपक कुमार, पारा के बुद्धेश्वर का प्रशांत तिवारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा संडीला का कैलाश मौर्या शामिल हैं। उपायुक्त राज्य कर खंड-19 अशोक कुमार त्रिपाठी ने महानगर थाने में तीन नवंबर को केएस इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बनाकर 37 लाख रुपये की कर चोरी की एफआईआर कराई थी। पुलिस की तफ्तीश में गिरोह के मास्टर माइंड अनुपम गोगोई, दीपक, प्रशांत, कैलाश और कुछ व्यापारियों के नाम सामने आए।
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इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना ब्रजेश यादव ने बताया कि 2019 में दीपक को पारा पुलिस ने हत्या के आरोप में जेल भेजा था। उस पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। 11 माह बाद वह छूटा। इंस्टाग्राम के जरिये उसकी अनुपम, प्रशांत और कैलाश से दोस्ती हुई। चारों ने कम समय में ज्यादा पैसा बनाने के लिए फर्जीवाड़े की योजना बनाई।
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बंटे हुए थे सबके काम

अनुपम ने फर्जी बिजली बिल लगाते हुए केएस इंटरप्राइजेज फर्म का जीएसटी कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया। उसने फर्म का पता महानगर में भगवती चरण वर्मा मार्ग दिखाया। दीपक ने अपने नाम-पते से एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया। श्रमिक वर्ग के लोगों को भी 15 से 20 हजार रुपये देकर उनके दस्तावेज लेकर कोटक बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी में खाते खुलवाए। फिर इन्हीं खातों के जरिये फर्जी फर्म में कंपनियों के मालिकों से 4.70 करोड़ रुपये का लेनदेन किया और 37 लाख की कर चोरी की। इसमें से 15 लाख प्रशांत ने अपने खाते में ट्रांसफर कराए, जो उसने खर्च कर दिए। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रशांत खोले फर्जी खातों को चलाने में मदद करता था। कैलाश फर्म की मोहर बनवाता था।




पंजाब के व्यापारियों से जुड़े हैं तार

इंस्पेक्टर के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि पंजाब के कई नामचीन व्यापारी आरोपियों से करोड़ों की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) खरीदते थे। पुलिस की दो टीमें इनकी तलाश में लगी है। सर्विलांस टीम मास्टर माइंड की लोकेशन ट्रेस कर रही है। आरोपियों से चार मोबाइल, एचडीएफसी, कोटक, बीओबी की चेकबुक, एसबीआई की पासबुक, बीओबी के विड्रॉल फॉर्म, पीएनबी की चेकबुक और प्रशांत का पासपोर्ट बरामद हुआ है।
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