नौकरी की अवैध एजेंसियां: हर दिन शिकार हो रहे यूपी के तीन नागरिक, खाड़ी देशों से जुड़े अधिकतर मामले
हर दिन यूपी के तीन नागरिक विदेश में नौकरी की अवैध एजेंसियों का शिकार हो रहे हैं। प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट्स ऑफिस लखनऊ में रोजाना शिकायतें पहुंच रही हैं। अधिकतर मामले खाड़ी देशों से जुड़े है। लोग नौकरी के लालच में विदेश में फंस रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
विदेश में नौकरी का सपना लेकर जाने वाले उत्तर प्रदेश के करीब तीन नागरिक रोजाना अवैध भर्ती एजेंसियों और दलालों के चंगुल में फंस रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट्स (पीओई) कार्यालय लखनऊ में हर दिन औसतन दो से तीन शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें खाड़ी देशों में नौकरी के नाम पर ठगी और विदेश पहुंचने के बाद परेशान किए जाने से जुड़ी हैं। जो शख्स अवैध तरीके से पहुंचते हैं उनको वापस लाना मंत्रालय के लिए चुनौती बन जाता है।
पीओई कार्यालय में पहुंच रही शिकायतों के मुताबिक युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह का झांसा देकर रकम वसूली जाती है। कई मामलों में युवाओं को रोजगार के लिए टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया जाता है। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नौकरी नहीं मिलती। कुछ मामलों में एजेंट से तय रकम देने के बाद भी अनुबंध में बताए गए वेतन से कम भुगतान किया जाता है।
पीओई के अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कतर और ओमान से संबंधित हैं। शिकायतों के अलावा अलग-अलग माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं की संख्या इससे कहीं अधिक है। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और स्थानीय स्तर पर सक्रिय दलालों के जरिये युवाओं को विदेश भेजने का काम किया जा रहा है।
पुलिस की मदद से कार्रवाई, अभियान की भी शुरुआत
लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए पीओ लखनऊ ने अवैध भर्ती एजेंसियों और दलालों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसके लिए अलग-अलग माध्यमों से मिली शिकायतों और सूचनाओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। संबंधित मामलों की जानकारी जिलों की पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी दी जा रही है। पुलिस की मदद से ऐसे एजेंटों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। विभाग ने ऑपरेशन सुरक्षित जाओ, प्रशिक्षित जाओ अभियान भी शुरू किया है।
जाने से पहले तस्दीक करने की अपील
अधिकारियों ने विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले लोगों से भर्ती एजेंसी की पूरी जानकारी लेने की अपील की है। एजेंसी के पास विदेश मंत्रालय का वैध लाइसेंस है या नहीं, इसकी जांच ई-माइग्रेट पोर्टल पर की जा सकती है। अधिकारियों ने लोगों को टूरिस्ट वीजा पर रोजगार के लिए विदेश नहीं जाने की सलाह दी है। एजेंट को भुगतान करने से पहले उसकी पक्की रसीद लेने और नौकरी, वेतन व अनुबंध की शर्तों की जांच करने को कहा गया है।
अगर फंसें तो यहां करें शिकायत
बिना लाइसेंस विदेश भेजने के नाम पर वसूली या ठगी की शिकायत helpline@mea.gov.in और illegalracomplaints@gmail.com पर की जा सकती है। प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र की 24 घंटे हेल्पलाइन 1800-11-3090 और व्हाट्सएप नंबर +91 74283 21144 पर भी मदद ली जा सकती है।