पानी की टंकी ढहने से तीन बच्चों की मौत, एक गंभीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरे दलई नेवादा गांव स्थित ईंट-भट्ठे पर पानी की टंकी ढहने से एक मजदूर की दो बेटियों और बेटे की मौत हो गई जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। हादसा बच्चों के खेलते समय हुआ। घटना की सूचना पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया।
मुसाफिरखाना क्षेत्र के पूरे नेवादा गांव में योगेंद्र सिंह निवासी रामदायपुर थाना मुंशीगंज का ईंट भट्ठा है। ईंट-भट्ठे पर खन्ना जिला महोबा निवासी सीताराम समेत कई अन्य लोग मजदूरी करते हैं। ईंट भट्ठे पर पानी की कमी पूरी करने के लिए एक टंकी बनाई गई थी।
शनिवार दोपहर पानी की टंकी के पास ही मजदूर सीताराम का बेटा विनोद कुमार (15), बेटी रागिनी (7), रजनी (4) और राजाबाबू की दो वर्षीय बेटी सोमवती खेल रहे थे। तभी अचानक पानी की टंकी भर-भराकर ढह गई।
टंकी के मलबे में दबकर विनोद, रागिनी और रजनी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सोमवती गंभीर रूप से घायल हो गई। गंभीर रूप से घायल सोमवती को परिवारीजन लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
तीन बच्चों की मौत से परिवार में मचा कोहराम
घटना की सूचना पर राजस्व निरीक्षक रामपाल और जगदीशपुर एसओ शिवमुनि, एसआई अंकुर वर्मा घटना स्थल पर पहुंच गए। तीन बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
दर्ज होगा केस : कोतवाल
मुसाफिरखाना कोतवाल दीपेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी ड्यूटी चुनाव में लगी है। इसलिए वे मौके पर नहीं पहुंच सके थे। ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर मंगल ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी है।
आरोप है कि भट्ठा मालिक ने पानी की टंकी बनवाने में लापरवाही बरती थी। इसकी वजह से उसके तीन बच्चों की मौत हो गई। तहरीर पर केस दर्ज किया जाएगा।
दी जाएगी आर्थिक मदद
एसडीएम अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि नायब तहसीलदार को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक मदद दी जाएगी।