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भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की तहत सीएम योगी सख्त, तीन एआरटीओ निलंबित, दो के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई
Tue, 15 Sep 2020 10:58 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Sep 2020 10:58 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
अनियमितता व शासकीय कार्य में लापरवाही के आरोप में तीन सहायक सम्भागीय अधिकारियों (एआरटीओ) को निलंबित कर दिया गया है। बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले के एक मामले की सीबीआई जांच में इन तीनों की भी भूमिका पाई गई।
जबकि सरकारी वाहन की सीरीज को आम लोगों को आवंटित किए जाने के मामले में दो एआरटीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई।
उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई जबलपुर में कनारा बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच कर रही थी। जांच में पाया गया कि वहां बैंक मैनेजर ने फर्जी दस्तावेजों पर 50 से अधिक लोगों को ट्रक जैसे बड़े वाहनों पर लोन स्वीकृत कर दिया।
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जांच में पाया गया कि इनमें से दस वाहन यूपी में पंजीकर हुए। इन वाहनों को बनाने वाली कंपनी ने सीबीआई को बताया कि जिन इंजन व चेसिस नंबरों पर यह वाहन पंजीकृत किए गए उन वाहनों को कंपनी ने बनाया ही नहीं।
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जबकि सरकारी वाहन की सीरीज को आम लोगों को आवंटित किए जाने के मामले में दो एआरटीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई।
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उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई जबलपुर में कनारा बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच कर रही थी। जांच में पाया गया कि वहां बैंक मैनेजर ने फर्जी दस्तावेजों पर 50 से अधिक लोगों को ट्रक जैसे बड़े वाहनों पर लोन स्वीकृत कर दिया।
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जांच में पाया गया कि इनमें से दस वाहन यूपी में पंजीकर हुए। इन वाहनों को बनाने वाली कंपनी ने सीबीआई को बताया कि जिन इंजन व चेसिस नंबरों पर यह वाहन पंजीकृत किए गए उन वाहनों को कंपनी ने बनाया ही नहीं।
जांच में साबित हुआ कि तीन सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारियों ने इन वाहनों की बगैर जांच किए और दस्तावेजों का परीक्षण किए बिना आपराधिक मंशा रखते हुए पंजीकरण कर दिया।
सीबीआई की जांच में दोषी पाए गए अरुण कुमार राय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) वाराणसी, धर्मवीर यादव सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) औरैया व अवधेश कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
उधर झांसी में सरकारी वाहनों के लिए जारी होने वाली बीजी नंबर की सीरीज को प्राइवेट नंबर के रूप में जारी करने के लिए विवेक कुमार शुक्ला सहायक संभागीय अधिकारी को संबद्ध मुख्यालय एवं सत्येंद्र कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासनिक) झांसी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
इस मामले की विभागीय जांच कराई गई थी जिसमें पाया गया कि इन दोनों अफसरों ने इस सीरीज के 9700 वाहन आम लोगों को आवंटित कर दिए।
सीबीआई की जांच में दोषी पाए गए अरुण कुमार राय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) वाराणसी, धर्मवीर यादव सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) औरैया व अवधेश कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
उधर झांसी में सरकारी वाहनों के लिए जारी होने वाली बीजी नंबर की सीरीज को प्राइवेट नंबर के रूप में जारी करने के लिए विवेक कुमार शुक्ला सहायक संभागीय अधिकारी को संबद्ध मुख्यालय एवं सत्येंद्र कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासनिक) झांसी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
इस मामले की विभागीय जांच कराई गई थी जिसमें पाया गया कि इन दोनों अफसरों ने इस सीरीज के 9700 वाहन आम लोगों को आवंटित कर दिए।