{"_id":"68587043376d25e14505d171","slug":"those-who-get-the-cheated-amount-transferred-to-their-account-will-also-be-made-accused-lucknow-news-c-13-1-lko1022-1262200-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: ठगी की रकम खाते में मंगवाने वाले भी बनाए जाएंगे आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: ठगी की रकम खाते में मंगवाने वाले भी बनाए जाएंगे आरोपी
विज्ञापन
लखनऊ। चीनी साइबर ठगों के लिए काम कर रहे आठ एजेंटों को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस ठगी की रकम खाते में मंगवाने वाले खाताधारकों को भी आरोपी बनाएगी। पुलिस सभी खाताधारकों की सूची तैयार कर रही है। लालच में खाताधारकों ने एजेंटों को अपने खाते ऑपरेट करने लिए दिए थे।
एसीपी साइबर क्राइम अभिवन यादव ने बताया कि पकड़े गए एजेटों ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया था कि उन लोगों ने सैकड़ों लोगों के खाते ठगी की रकम मंगवाने के लिए किराए पर लिए थे। इसके एवज में खाताधारकों को प्रति ट्रांजेक्शन के हिसाब से रुपये देते थे। ठगी की रकम खाते में आने के बाद एजेंट उस रकम को निकाल कर यूएसडीटी या क्रिप्टो करेंसी में बदल कर सीधे चीन में बैठ जालसाजों को भेज देते थे। एसीपी ने बताया कि खाते का गलत इस्तेमाल करने वाले खाताधारकों की सूची काफी लंबी है, एक-एक को चिह्नित कर आरोपी बनाया जाएगा।
बीच की कई कड़ियां अभी जुड़नी बाकी
एसीपी ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़े एजेंट जालसाजी गैंग की पहली कड़ी हैं। वह लोग अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म से चीनी जालसाजों से जुड़े हैं। इन प्लेटफार्म का संचालन अलग-अलग लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठक कर करते हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ चीनी जालसाजों के नाम व पते भी साइबर क्राइम थाने की टीम को मिले हैं। अभी यह तय नहीं हो सका है कि यह चीनी जालसाज चीन में हैं या किसी दूसरे देश से गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के पास से 16 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक टैबलेट मिला था। मोबाइल, लैपटॉप व टैबलेट में इस गोरखधंधे की सारी डिटेल मौजूद है। पुलिस बरामद सामान से डाटा एक्सट्रैक्ट करने में लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसीपी साइबर क्राइम अभिवन यादव ने बताया कि पकड़े गए एजेटों ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया था कि उन लोगों ने सैकड़ों लोगों के खाते ठगी की रकम मंगवाने के लिए किराए पर लिए थे। इसके एवज में खाताधारकों को प्रति ट्रांजेक्शन के हिसाब से रुपये देते थे। ठगी की रकम खाते में आने के बाद एजेंट उस रकम को निकाल कर यूएसडीटी या क्रिप्टो करेंसी में बदल कर सीधे चीन में बैठ जालसाजों को भेज देते थे। एसीपी ने बताया कि खाते का गलत इस्तेमाल करने वाले खाताधारकों की सूची काफी लंबी है, एक-एक को चिह्नित कर आरोपी बनाया जाएगा।
विज्ञापन
बीच की कई कड़ियां अभी जुड़नी बाकी
एसीपी ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़े एजेंट जालसाजी गैंग की पहली कड़ी हैं। वह लोग अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म से चीनी जालसाजों से जुड़े हैं। इन प्लेटफार्म का संचालन अलग-अलग लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठक कर करते हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ चीनी जालसाजों के नाम व पते भी साइबर क्राइम थाने की टीम को मिले हैं। अभी यह तय नहीं हो सका है कि यह चीनी जालसाज चीन में हैं या किसी दूसरे देश से गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के पास से 16 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक टैबलेट मिला था। मोबाइल, लैपटॉप व टैबलेट में इस गोरखधंधे की सारी डिटेल मौजूद है। पुलिस बरामद सामान से डाटा एक्सट्रैक्ट करने में लगी है।
विज्ञापन