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विधान परिषद चुनाव में सफल रही भाजपा सरकार और संगठन की रणनीति, वित्तविहीन शिक्षकों ने पैदा किया फर्क

Sat, 05 Dec 2020 11:49 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 05 Dec 2020 11:49 AM IST
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This is how BJP won MLC election in Uttar Pradesh.
- फोटो : amar ujala

विधान परिषद चुनाव में पहली बार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर कब्जा करने की योगी सरकार व भाजपा संगठन की रणनीति कामयाब रही। भाजपा ने पहली बार शिक्षक क्षेत्र की छह में से चार सीटों पर चुनाव लड़कर तीन सीटों पर कब्जा जमाया है।

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भाजपा ने दो साल पहले से ही विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ने का निर्णय कर तैयारी शुरू कर दी थी। सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों की ताकत को भांपते हुए इस चुनाव में उनके मताधिकार का रास्ता साफ कर दिया, जिसका सियासी लाभ भी पार्टी को हुआ।
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पहले वित्तविहीन शिक्षकों को मताधिकार के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के सत्यापन की बाध्यता थी। योगी सरकार ने इस बाध्यता को समाप्त कर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के चुनाव में वित्तविहीन शिक्षकों को मताधिकार का रास्ता साफ कर दिया। इससे शिक्षक क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या वर्ष 2014 की तुलना में डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ गई।
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यही नहीं पार्टी ने चुनावी रणनीति के तहत वित्तविहीन शिक्षक महासभा के संरक्षक उमेश द्विवेदी को भाजपा में शामिल कराकर लखनऊ से उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। पार्टी ने एक-एक बूथ की रणनीति तैयार कर मतदाताओं की संख्या बढ़ाने पर काम किया। वहीं, चुनाव में सरकार के मंत्रियों और पार्टी के पदाधिकारियों को चुनाव प्रबंधन की कमान सौंपी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने समय-समय पर चुनावी रणनीति को अंजाम दिया। नतीजा रहा कि विधान परिषद में पहली बार भाजपा के तीन एमएलसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे।

वित्तविहीन शिक्षकों का दबदबा बढ़ा

लंबे समय के बाद विधान परिषद में ओमप्रकाश शर्मा गुट का वर्चस्व टूटा है, वहीं वित्तविहीन शिक्षकों का दबदबा भी बढ़ा है। वित्तविहीन शिक्षकों की राजनीति से आगे बढ़े उमेश द्विवेदी भाजपा के टिकट पर लखनऊ से चुनाव जीते हैं। आगरा शिक्षक क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीते आकाश अग्रवाल भी वित्तविहीन शिक्षक महासभा में रहे हैं।

वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव जीते लाल बिहारी यादव भी वित्तविहीन शिक्षकों की राजनीति से ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। परिषद में शर्मा गुट से एकमात्र ध्रुव कुमार त्रिपाठी ही चुनाव जीत सके हैं।

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