{"_id":"60aaba1d8ebc3eac94654d4e","slug":"thirteen-new-case-of-black-fungus-found-in-lucknow-one-dead-lko-city-news-lko5793016198","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ में ब्लैक फंगस के मिले 13 नए मरीज, एक की गई जान, अब तक 210 केस मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ में ब्लैक फंगस के मिले 13 नए मरीज, एक की गई जान, अब तक 210 केस मिले
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी में पिछले 24 घंटे में ब्लैक फंगस के 13 नए मरीज भर्ती किए, जबकि इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। राजधानी के अस्पतालों में अब तक ब्लैक फंगस के कुल संख्या 210 मरीज मिल भर्ती हो चुके हैं। इनमें 16 लोगों की जान जा चुकी है। मरीजों की जान बचाने के लिए अब तक 20 ऑपरेशन भी किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा ऑपरेशन केजीएमयू में हुए हैं।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में ब्लैक फंगस के अब तक 135 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें 19 मरीजों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में विभिन्न जिलों के 11 मरीज भर्ती किए गए हैं। वहीं लखनऊ निवासी 58 वर्षीय पुरुष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उधर, पीजीआई में भी ब्लैक फंगस के एक मरीज का ऑपरेशन किया गया और दो नए मरीज भर्ती किए गए। संस्थान से अब तक तीन मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है। इसके अलावा लोहिया संस्थान से तीन मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है।
निजी अस्पताल छिपा रहे आंकड़ा
राजधानी के निजी अस्पतालों में भी ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा है, लेकिन वे जानकारी छिपा रहे हैं। ब्लैक फंगस के सभी मरीजों की जानकारी देना जरूरी है। इसके बावजूद आंकड़े बेहद कम बताए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज की संख्या भले कम हो पर जितनी संख्या में दवा के लिए तीमारदार रेडक्रॉस सोसाइटी पहुंच रहे हैं, उससे इनका आंकड़ा ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
इंजेक्शन न मिलने पर रेडक्रॉस कार्यालय पर हंगामा
लखनऊ। ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को लगने वाला लाइपोसोमल एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। बाजार में यह इंजेक्शन पहले से गायब है। गत शुक्रवार से रेडक्रॉस सोसाइटी कार्यालय से इसका वितरण जरूरतमंदों को शुरू हुआ है, सोसाइटी को सीएमओ स्टोर से जरूरत के अनुसार इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इससे जरूरतमंदों ने रविवार को यहां हंगामा भी किया। इसके बाद रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन दिलाने की मांग की है।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन ओम प्रकाश पाठक ने मंडलायुक्त को लिखे पत्र में बताया कि मरीजों की संख्या के लिहाज से शहर में रोजाना 700 इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। लेकिन सीएमओ स्टोर से पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। शुक्रवार को केवल 40 इंजेक्शन की आपूर्ति हुई, जबकि शनिवार को रेडक्रॉस में एक भी वॉयल नहीं आया। इससे कई मरीजों के तीमारदारों को निराश लौटना पड़ा। रविवार को भी सिर्फ 50 इंजेक्शन भेजे गए। सोमवार को 25 इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है। इससे भी काम बनता नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मरीज को तीन दिन की डोज के हिसाब से 18 इंजेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से रविवार को केवल 8 लोगों को ही इंजेक्शन दिए जा सके। वह भी सिर्फ एक दिन की डोज दी गई। वहीं जिन तीमारदारों को इंजेक्शन नहीं मिला उन्होंने कार्यालय पर हंगामा किया।
विज्ञापन
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में ब्लैक फंगस के अब तक 135 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें 19 मरीजों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में विभिन्न जिलों के 11 मरीज भर्ती किए गए हैं। वहीं लखनऊ निवासी 58 वर्षीय पुरुष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उधर, पीजीआई में भी ब्लैक फंगस के एक मरीज का ऑपरेशन किया गया और दो नए मरीज भर्ती किए गए। संस्थान से अब तक तीन मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है। इसके अलावा लोहिया संस्थान से तीन मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है।
विज्ञापन
निजी अस्पताल छिपा रहे आंकड़ा
राजधानी के निजी अस्पतालों में भी ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा है, लेकिन वे जानकारी छिपा रहे हैं। ब्लैक फंगस के सभी मरीजों की जानकारी देना जरूरी है। इसके बावजूद आंकड़े बेहद कम बताए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज की संख्या भले कम हो पर जितनी संख्या में दवा के लिए तीमारदार रेडक्रॉस सोसाइटी पहुंच रहे हैं, उससे इनका आंकड़ा ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
इंजेक्शन न मिलने पर रेडक्रॉस कार्यालय पर हंगामा
लखनऊ। ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को लगने वाला लाइपोसोमल एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। बाजार में यह इंजेक्शन पहले से गायब है। गत शुक्रवार से रेडक्रॉस सोसाइटी कार्यालय से इसका वितरण जरूरतमंदों को शुरू हुआ है, सोसाइटी को सीएमओ स्टोर से जरूरत के अनुसार इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इससे जरूरतमंदों ने रविवार को यहां हंगामा भी किया। इसके बाद रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन दिलाने की मांग की है।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन ओम प्रकाश पाठक ने मंडलायुक्त को लिखे पत्र में बताया कि मरीजों की संख्या के लिहाज से शहर में रोजाना 700 इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। लेकिन सीएमओ स्टोर से पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। शुक्रवार को केवल 40 इंजेक्शन की आपूर्ति हुई, जबकि शनिवार को रेडक्रॉस में एक भी वॉयल नहीं आया। इससे कई मरीजों के तीमारदारों को निराश लौटना पड़ा। रविवार को भी सिर्फ 50 इंजेक्शन भेजे गए। सोमवार को 25 इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है। इससे भी काम बनता नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मरीज को तीन दिन की डोज के हिसाब से 18 इंजेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से रविवार को केवल 8 लोगों को ही इंजेक्शन दिए जा सके। वह भी सिर्फ एक दिन की डोज दी गई। वहीं जिन तीमारदारों को इंजेक्शन नहीं मिला उन्होंने कार्यालय पर हंगामा किया।