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गेहूं क्रय केंद्रों की होगी जियो टैगिंग, किसानों को क्रय केंद्र की लोकेशन व पते की जानकारी लेने में होगी सुविधा
Thu, 11 Mar 2021 11:10 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 11 Mar 2021 11:10 AM IST
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क्रय केंद्र में गेहूं की तोल करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में किसानों को गेहूं क्रय केंद्रों का पता लगाने के लिए परेशान नहीं होना पडे़गा। सरकार ने गेहूं क्रय केंद्रों की जियो टैगिंग शुरू करा दी है। इससे अब किसानों को क्रय केंद्रों की लोकेशन ऑनलाइन पता चल जाएगी। इसके लिए क्त्रस्य केंद्रों की रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेंटर से जियो टैगिंग कराई जा रही है।
खाद्य आयुक्त मनीष चैहान ने मंगलवार को बताया कि 01 अप्रैल से प्रदेश भर में 6000 केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की जाएगी। गेहूं की बिक्त्रस्ी के लिए किसानों को खाद्य तथा रसद विभाग की वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना जरूरी है। किसान स्वयं अथवा साइबर कैफे व जन-सुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार क्त्रस्य केंद्र पर गेहूं की बिक्त्रस्ी के लिए स्वयं टोकन प्राप्त कर सकेगें। यदि केंद्र प्रभारी किसान का गेहूं लेने से मना किया जाएगा तो तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है। 100 कुंतल से अधिक गेहू की मात्रा होने पर, चकबंदी अंतर्गत गांव और बटाईदारों का सत्यापन उपजिलाधिकारी करेंगे। यदि किसान सीलिंग एक्ट की निर्धारित सीमा से अधिक भूमि पर गेहूं की उपज की बिक्त्रस्ी के पंजीकरण करेगा तो इसका सत्यापन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
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06 हजार केंद्रों पर होगी खरीद
खाद्य आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष खाद्य विभाग व अन्य क्रय एजेंसियों के 6000 क्रय केंद्र प्रस्तावित है। जिसमें खाद्य विभाग के विपणन शाखा के 1100, उत्तर प्रदेश के राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 300, उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) के 200, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) के 3500, उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव यूनियन (यूपीपीसीयू) के 500, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के 250 व भारतीय खाद्य निगम के 150 क्त्रस्य केंद्र स्थापित होने हैं। गेहूं के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा। पूरे प्रदेश में क्रय केंद्र 01 अप्रैल से 15 जून तक सुबह 09 बजे से शाम 06 बजे तक संचालित रहेंगे।
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खाद्य आयुक्त मनीष चैहान ने मंगलवार को बताया कि 01 अप्रैल से प्रदेश भर में 6000 केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की जाएगी। गेहूं की बिक्त्रस्ी के लिए किसानों को खाद्य तथा रसद विभाग की वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना जरूरी है। किसान स्वयं अथवा साइबर कैफे व जन-सुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
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किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार क्त्रस्य केंद्र पर गेहूं की बिक्त्रस्ी के लिए स्वयं टोकन प्राप्त कर सकेगें। यदि केंद्र प्रभारी किसान का गेहूं लेने से मना किया जाएगा तो तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है। 100 कुंतल से अधिक गेहू की मात्रा होने पर, चकबंदी अंतर्गत गांव और बटाईदारों का सत्यापन उपजिलाधिकारी करेंगे। यदि किसान सीलिंग एक्ट की निर्धारित सीमा से अधिक भूमि पर गेहूं की उपज की बिक्त्रस्ी के पंजीकरण करेगा तो इसका सत्यापन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
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06 हजार केंद्रों पर होगी खरीद
खाद्य आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष खाद्य विभाग व अन्य क्रय एजेंसियों के 6000 क्रय केंद्र प्रस्तावित है। जिसमें खाद्य विभाग के विपणन शाखा के 1100, उत्तर प्रदेश के राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 300, उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) के 200, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) के 3500, उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव यूनियन (यूपीपीसीयू) के 500, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के 250 व भारतीय खाद्य निगम के 150 क्त्रस्य केंद्र स्थापित होने हैं। गेहूं के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा। पूरे प्रदेश में क्रय केंद्र 01 अप्रैल से 15 जून तक सुबह 09 बजे से शाम 06 बजे तक संचालित रहेंगे।