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पूर्वांचल की तरक्की पर योगी की मौजूदगी में होगा मंथन
Fri, 16 Oct 2020 06:28 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 16 Oct 2020 06:28 PM IST
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सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वांचल के पिछड़ेपन को दूर कर तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए सरकार तीन दिन तक गोरखपुर में मंथन करेगी। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू व नियोजन विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री इस मंथन के पहले व आखिरी सत्र में स्वयं उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 'पूर्वांचल का विकास: मुद्दे, रणनीति व भावी दिशा' विषय पर 27 से 29 नवंबर तक तीन दिनी वेबिनार का आयोजन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में करने की तैयारी है। इसमें केंद्र तथा राज्य सरकार के मंत्री, शासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रख्यात संस्थानों के शिक्षाविद तथा ख्याति प्राप्त गैर सरकारी संगठनों व विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधि ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। ये चिन्हित विषयों पर शोधपत्र, सक्सेस स्टोरी आदि पेश करेंगे जिस पर चर्चा होगी।
पिछले कुछ महीनों के बीच काफी अध्ययन और सर्वे के बाद पूर्वांचल के प्राथमिक क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र सामाजिक क्षेत्र व जल क्षेत्र की चुनौतियों को चिन्हित किया गया है। इन सभी पांच सेक्टर पर चर्चा के लिए अलग- अलग तकनीकी सत्र होगा। इन सत्रों का समन्वय संबंधित सेक्टर को लीड करने वाले शासन के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। यहां प्राप्त सुझावों से पूर्वांचल की प्रमुख चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार कर उस पर अमल की कार्यवाही होगी। बताया जा रहा है सरकारी स्तर पर पूर्वांचल के पिछड़ेपन पर चर्चा के लिए इस तरह की पहल पहली बार की जा रही है।
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वरिष्ठ अफसर हर तकनीकी सत्र की संभालेंगे कमान
प्राथमिक क्षेत्र में कृषि व उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इस सत्र का समन्वय अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी करेंगे। विनिर्माण क्षेत्र में भारी व लघु उद्योग, ऊर्जा, रियल एस्टेट, राजस्व, खनन, शहरी विकास आदि सेक्टर की मुश्किलों व संभावनाओं पर चर्चा होगी। इस सत्र के समन्वय की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार व अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन नवनीत सहगल को संयुक्त रूप से दी गई है। सेवा क्षेत्र से जुड़े सत्र का समन्वय प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सत्र की अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद व अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार तथा जल क्षेत्र से जुड़े सत्र का समन्वय अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी. वेंकटेश करेंगे।
गोंडा, अयोध्या सहित पूर्वांचल के 28 जिलों पर मंथन
गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बहराइच, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, अमेठी, श्रावस्ती, जौनपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, बस्ती, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, कौशांबी, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, भदोही, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, वाराणसी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 'पूर्वांचल का विकास: मुद्दे, रणनीति व भावी दिशा' विषय पर 27 से 29 नवंबर तक तीन दिनी वेबिनार का आयोजन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में करने की तैयारी है। इसमें केंद्र तथा राज्य सरकार के मंत्री, शासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रख्यात संस्थानों के शिक्षाविद तथा ख्याति प्राप्त गैर सरकारी संगठनों व विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधि ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। ये चिन्हित विषयों पर शोधपत्र, सक्सेस स्टोरी आदि पेश करेंगे जिस पर चर्चा होगी।
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पिछले कुछ महीनों के बीच काफी अध्ययन और सर्वे के बाद पूर्वांचल के प्राथमिक क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र सामाजिक क्षेत्र व जल क्षेत्र की चुनौतियों को चिन्हित किया गया है। इन सभी पांच सेक्टर पर चर्चा के लिए अलग- अलग तकनीकी सत्र होगा। इन सत्रों का समन्वय संबंधित सेक्टर को लीड करने वाले शासन के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। यहां प्राप्त सुझावों से पूर्वांचल की प्रमुख चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार कर उस पर अमल की कार्यवाही होगी। बताया जा रहा है सरकारी स्तर पर पूर्वांचल के पिछड़ेपन पर चर्चा के लिए इस तरह की पहल पहली बार की जा रही है।
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प्राथमिक क्षेत्र में कृषि व उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इस सत्र का समन्वय अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी करेंगे। विनिर्माण क्षेत्र में भारी व लघु उद्योग, ऊर्जा, रियल एस्टेट, राजस्व, खनन, शहरी विकास आदि सेक्टर की मुश्किलों व संभावनाओं पर चर्चा होगी। इस सत्र के समन्वय की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार व अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन नवनीत सहगल को संयुक्त रूप से दी गई है। सेवा क्षेत्र से जुड़े सत्र का समन्वय प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सत्र की अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद व अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार तथा जल क्षेत्र से जुड़े सत्र का समन्वय अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी. वेंकटेश करेंगे।
गोंडा, अयोध्या सहित पूर्वांचल के 28 जिलों पर मंथन
गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बहराइच, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, अमेठी, श्रावस्ती, जौनपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, बस्ती, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, कौशांबी, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, भदोही, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, वाराणसी।