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Lucknow News: मंच पर दिखेगा महाराजा सुहेलदेव और रानी लक्ष्मीबाई का शौर्य
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भारतेंदु नाट्य अकादमी।
- फोटो : भारतेंदु नाट्य अकादमी।
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी जल्द ही महाराजा सुहेलदेव और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित नाटक तैयार कर इनका मंचन करेगा। पहले इन नाटकों का मंचन राजधानी में होगा और फिर प्रदेश के सभी जिलों में मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही पूर्व में तैयार वंदेमातरम गीत पर आधारित नाटक आनंदमठ का भी विस्तार किया जाएगा। यह नाटक अब डेढ़ से दो घंटे की अवधि का होगा।
पिछले दिनों बीएनए के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आठ दिवसीय स्वर्णजयंती समारोह का आयोजन किया गया था। इसके शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएनए की ओर से तैयार 20 मिनट का नाटक आनंदमठ भी देखा था। इसके बाद उन्होंने इच्छा जताई थी कि इस नाटक की अवधि दो घंटे की होनी चाहिए।इसे प्रदेश के हर जिले में व विद्यालयों में भी मंचित किया जाए, जिससे आज की पीढ़ी वंदेमातरम गीत की उत्पत्ति के बारे में जान सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि बीएनए को महाराजा सुहेलदेव और रानी लक्ष्मीबाई समेत अन्य देशभक्त योद्धाओं पर भी नाटक तैयार करने चाहिए, ताकि बच्चे और युवा उनके बारे में विस्तार से जान सकें। इसी कड़ी में भारतेंदु नाट्य अकादमी ने अब ऐसे नाटकों की तैयारी शुरू कर दी है।
इस संबंध में बीएनए के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में हम ऐसी योजना तैयार कर रहे हैं, जिससे हम अपने असली नायकों के बारे में नई पीढ़ी को बता सकें। सबसे पहले महाराजा सुहेलदेव व रानी लक्ष्मीबाई पर नाटकों की तैयारी से हम शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके साथ ही आनंदमठ को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जिसकी अवधि दो घंटे की होगी। उन्होंने बताया कि इन नाटकों का मंचन न सिर्फ राजधानी लखनऊ में होगा, बल्कि इन्हें प्रदेश के 75 जिलों में मंचित कराने की योजना है।
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श्रावस्ती के राजा थे महाराजा सुहेलदेव
बीएनए के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव श्रावस्ती के एक महान राजा थे, जिन्होंने 1034 में बहराइच में महमूद गजनवी के सेनापति गाजी मियां को युद्ध में हराने के बाद मार गिराया था। इनकी वीरता का जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने भाषणों में भी करते रहते हैं। वहीं, अंग्रेजों से लोहा लेने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन को भी नाटक में उतारा जाएगा। यह सिलसिला चलता रहेगा और आगे अन्य महापुरुषों पर आधारित नाटकों का भी मंचन होगा।
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पिछले दिनों बीएनए के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आठ दिवसीय स्वर्णजयंती समारोह का आयोजन किया गया था। इसके शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएनए की ओर से तैयार 20 मिनट का नाटक आनंदमठ भी देखा था। इसके बाद उन्होंने इच्छा जताई थी कि इस नाटक की अवधि दो घंटे की होनी चाहिए।इसे प्रदेश के हर जिले में व विद्यालयों में भी मंचित किया जाए, जिससे आज की पीढ़ी वंदेमातरम गीत की उत्पत्ति के बारे में जान सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि बीएनए को महाराजा सुहेलदेव और रानी लक्ष्मीबाई समेत अन्य देशभक्त योद्धाओं पर भी नाटक तैयार करने चाहिए, ताकि बच्चे और युवा उनके बारे में विस्तार से जान सकें। इसी कड़ी में भारतेंदु नाट्य अकादमी ने अब ऐसे नाटकों की तैयारी शुरू कर दी है।
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इस संबंध में बीएनए के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में हम ऐसी योजना तैयार कर रहे हैं, जिससे हम अपने असली नायकों के बारे में नई पीढ़ी को बता सकें। सबसे पहले महाराजा सुहेलदेव व रानी लक्ष्मीबाई पर नाटकों की तैयारी से हम शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके साथ ही आनंदमठ को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जिसकी अवधि दो घंटे की होगी। उन्होंने बताया कि इन नाटकों का मंचन न सिर्फ राजधानी लखनऊ में होगा, बल्कि इन्हें प्रदेश के 75 जिलों में मंचित कराने की योजना है।
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श्रावस्ती के राजा थे महाराजा सुहेलदेव
बीएनए के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव श्रावस्ती के एक महान राजा थे, जिन्होंने 1034 में बहराइच में महमूद गजनवी के सेनापति गाजी मियां को युद्ध में हराने के बाद मार गिराया था। इनकी वीरता का जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने भाषणों में भी करते रहते हैं। वहीं, अंग्रेजों से लोहा लेने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन को भी नाटक में उतारा जाएगा। यह सिलसिला चलता रहेगा और आगे अन्य महापुरुषों पर आधारित नाटकों का भी मंचन होगा।