फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The UP government has been asked to provide details of government lawyers posted in the High Court.

UP : यूपी सरकार से हाईकोर्ट में तैनात सरकारी वकीलों का ब्योरा तलब किया, प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल

Fri, 19 Sep 2025 08:18 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 19 Sep 2025 08:18 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने 22 को सरकारी वकीलों के मामलों में पहले दिए फैसलों को पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में चार पीआईएल के जरिये तैनाती में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया गया है।

विज्ञापन
The UP government has been asked to provide details of government lawyers posted in the High Court.
- फोटो : Adobe Stock

विस्तार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ पीठ में सरकारी वकीलों की तैनाती प्रक्रिया को चुनौती के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी सरकार से सरकारी वकीलों की तैनाती का ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर 22 सितंबर को पक्षों के वकीलों को सरकारी वकीलों की तैनाती मामलों में पहले दिए गए फैसलों को पेश करने का भी निर्देश दिया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश चार जनहित याचिकाओं पर दिया। इसमें हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया गया है। साथ ही सरकारी वकीलों की तैनाती के 1975 के एलआर मैनुअल में भी संशोधन करने की गुजारिश की गई है। सुनवाई के समय महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह को हाईकोर्ट में अब तक तैनात किए गए सरकारी वकीलों का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - मां पर FIR के सवाल पर अपर्णा यादव ने दिया ये जवाब, कांग्रेस के घोटालों का जिक्र कर राहुल गांधी पर कसा तंज
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अयोध्या में उमड़ेंगे लाखों रामभक्त... विवाह पंचमी के दिन ध्वजारोहण समारोह बना चुनौती, ट्रस्ट ने दी जानकारी


बता दें कि मामले में वर्ष 2017 में दाखिल महेंद्र सिंह पवार की जनहित याचिका समेत चार जनहित याचिकाओं पर फाइनल सुनवाई चल रही है। इनमें हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सरकारी वकीलों की तैनाती, महाधिवक्ता की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय समिति ने की है। इस पर याचियों के वकीलों ने कहा कि हाईकोर्ट में दो हजार से अधिक सरकारी वकीलों की तैनाती में हर एक की योग्यता व क्षमता का आकलन करना समिति के सदस्यों के लिए संभव नहीं था। वहीं, कोई प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई। यह भी आरोप लगाया कि तैनाती प्रक्रिया साफ न होने की वजह से इसमें भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिलता है। उधर, सरकार की ओर से इन दलीलों का विरोध किया गया। इस पर, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को नियत कर मौजूदा समय हाईकोर्ट में तैनात सरकारी वकीलों का ब्योरा तलब किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed