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प्रदेश कांग्रेस संगठन पर चलेगा नश्तर : यूपी प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए हाईकमान ने शुरू किया मंथन
Thu, 17 Mar 2022 10:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Mar 2022 10:35 PM IST
सार
समीक्षा बैठक में खराब नतीजों के बावजूद संगठन के कामकाज की प्रशंसा पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के एक पक्ष का कहना है कि इससे अपनी कमजोरियों को दूर करने में दिक्कत आएगी।
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कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश कांग्रेस संगठन पर शीघ्र ही नश्तर चलेगा। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए मंथन शुरू कर दिया है। किसी ब्राह्मण नेता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अगर इस पर सहमति नहीं बनी तो विधायक वीरेंद्र चौधरी के नाम की भी चर्चा है। वहीं, समीक्षा बैठक में खराब नतीजों के बावजूद संगठन के कामकाज की प्रशंसा पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के एक पक्ष का कहना है कि इससे अपनी कमजोरियों को दूर करने में दिक्कत आएगी।
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे, कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति को लेकर मंगलवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में दिल्ली में विस्तार से चर्चा हुई थी। कांग्रेस ने बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने प्रियंका के साथ विस्तार से चर्चा की। यह चिह्नित किया गया कि यह परिणाम जहां एक तरफ हमें अपनी रणनीति में बदलाव की तरफ इशारा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ बेहतर ढंग से आगे का रास्ता तैयार करने का भी मौका देते हैं।
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समीक्षा बैठक में फौरी तौर पर संगठनात्मक बदलावों, कार्यकर्ताओं से संवाद के जरिये फीडबैक प्रणाली विकसित करने और कांग्रेस पार्टी के एजेंडे को जनता तक और बेहतर तरीके से पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस पर सहमति बनी कि कांग्रेस पार्टी को संगठन में जरूरी बदलाव करते हुए तुरंत लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुटना होगा। जनता के मुद्दों पर संघर्ष एवं लोकसभा चुनावों की जमीनी स्तर की रणनीति अभी से तैयार करनी होगी।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने समीक्षा बैठक के दौरान ही अपना इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के एक असंतुष्ट नेता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ कहा कि समीक्षा बैठक में प्रदेश कांग्रेस संगठन के कामकाज की तारीफ हुई। अब अगर कार्य प्रशंसा के योग्य हैं, तो नतीजे अब तक के पार्टी इतिहास में सबसे खराब क्यों रहे। इस पर ईमानदारी से विचार किए बिना यूपी में मजबूत संगठन को खड़ा नहीं किया जा सकता।
असंतुष्ट खेमे का यह भी कहना है कि ये देखा जाना चाहिए कि चुनाव से पहले अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति व जनजाति प्रकोष्ठ ने प्रदेश में कितने कार्यक्रम किए। संगठन को आगे ले जाने के लिए जमीन पर इनकी क्या तैयारियां थीं। आत्मचिंतन के बाद ही कांग्रेस को अब अगले कदम उठाने चाहिए।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नतीजों से इतना तो तय है कि प्रदेश कांग्रेस संगठन पर बड़े पैमाने पर नश्तर चलेगा। प्रदेश अध्यक्ष को काम करने के लिए पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। हाईकमान बहुत जरूरी होने पर ही दखल देगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि फिलहाल सामान्य वर्ग में पैठ बनाकर पार्टी आगे बढ़ सकती है। इसलिए किसी ब्राह्मण नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि अगर पिछड़े वर्ग पर दांव लगाने की रणनीति बनाई गई तो फरेंदा से जीते विधायक वीरेंद्र चौधरी को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह कुर्मी बिरादरी से हैं।
गांधी-नेहरू परिवार के साये से बाहर निकले कांग्रेस : सिराज
कांग्रेस के पूर्व एमएलसी सिराज मेंहदी ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों में मिली शर्मनाक हार के बाद अब कांग्रेस को गांधी-नेहरू परिवार के साये से बाहर आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को समूह-23 के सुझावों के तहत आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च अधिकार प्राप्त कमेटी चापलूसों की जमात बन कर रह गई। इसमें बैठे नेता शीर्ष नेतृत्व को आईना दिखाने के बजाय उसे गुमराह करने का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महासचिव प्रिंयका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया, इसलिए उन्हें भी इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
यूपी के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर प्रियंका ने लिया फीडबैक
उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों की समीक्षा बैठक में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यहां के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बात की। इन नेताओं में वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, आचार्य प्रमोद कृष्णन, सतीश अजमानी, पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, नवनिर्वाचित विधायक वीरेंद्र चौधरी से मुलाकात की। प्रियंका गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की।