फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The story of theatre personality Dr. Anil Rastogi: Sold by his mother as a child, this fakir achieved the Padm

रंगमंच कर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी की कहानी: बचपन में जिन्हें मां ने बेचा, उस फकीरे ने तय किया पद्मश्री तक का सफर

Sat, 14 Feb 2026 11:10 AM IST
आकाश द्विवेदी डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Sat, 14 Feb 2026 11:10 AM IST
सार

डॉ. अनिल रस्तोगी बचपन में मां द्वारा बेगम को बेचे जाने के बाद फकीरे के रूप में बड़े हुए। थिएटर से फिल्म तक का सफर तय किया। अक्षय कुमार की फिल्म ‘गरम मसाला’ में अनुभव साझा किया। पद्मश्री मिलने पर लोगों के स्नेह से उत्साहित हुए। लखनऊ की तहजीब और खानपान पर गर्व जताया।

विज्ञापन
The story of theatre personality Dr. Anil Rastogi: Sold by his mother as a child, this fakir achieved the Padm
डॉ. अनिल रस्तोगी, रंगमंच कर्मी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

यह जानकार आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन सौ फीसदी सच है कि हाल ही में पद्मश्री सम्मान के लिए जिनके नाम की घोषणा की गई है, वे डॉ. अनिल रस्तोगी असल में फकीरे थे। यह नाम उन्हें अवध की बेगम ने दिया था। इस बात की तस्दीक करते हुए अमर उजाला के साथ पॉडकास्ट में खुद डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि उनके परिवार में बच्चों की जल्द मौत हो जाती थी, इसलिए एक टोटके के तहत उनकी मां ने उन्हें बेगम को बेच दिया था। पढ़िए उस बातचीत के प्रमुख अंश।

विज्ञापन

विज्ञापन

लखनऊ में आपका बचपन कैसा बीता था?

हमारे घर में बच्चे ज्यादा जिंदा नहीं रहते थे तो हम बचपन में बेच दिए गए थे बेगम साहिबा को, उन्होंने मेरा नाम फकीरे रख दिया था। मेरे बड़े भाई का नाम गुलाम हुसैन रखा। हम मोहर्रम में ताजिया रखते थे। हम बचपन में ताबीज पहनकर फकीरी करते थे, लोगों के यहां जाकर मांगना होता था। बेगम हमें खाने को चीजें दिया करती थीं।

अक्षय कुमार को चौंका दिया था

पंछी जा, पंछी आ एक नाटक होता था। वो शायद मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन हास्य नाटक था। उसी नाटक पर बाद में फिल्म बनी गरम मसाला। मैंने अक्षय कुमार से कहा कि आप आज जो रोल कर रहे हैं, यह मैं किसी जमाने में कर चुका हूं। तब वो चौंके कि मैंने कहां ये रोल किया। मैंने उनसे कहा- ‘मैं भी कभी जवान था’।

इश्कजादे फिल्म के ऑडिशन में क्या हुआ था?

ऑडिशन में जो लाइनें मुझे दी गईं, उनमें से एक लाइन मेरी समझ में नहीं आ रही थी। तब मैंने अपने साथी कलाकार अशोक सिन्हा से पूछा कि यह लाइन समझ नहीं आ रही। उन्होंने बताया कि यह लाइन कैसे करनी है जबकि वे खुद भी ऑडिशन के लिए आए थे। सोचिए जिन्होंने मुझे लाइन बताई उन्हीं का चयन नहीं हुआ और मुझे वो रोल मिल गया था, शायद उसी लाइन की वजह से। और उसी फिल्म की वजह से मेरे फिल्मी कॅरिअर में बड़ा बदलाव आया।

विज्ञापन

The story of theatre personality Dr. Anil Rastogi: Sold by his mother as a child, this fakir achieved the Padm
डॉ. अनिल रस्तोगी, रंगमंच कर्मी - फोटो : सोशल मीडिया

पद्मश्री पाने की घोषणा से क्या कुछ बदला?

जब पद्मश्री मिलने की घोषणा हुई तो मुझे खुशी तो हुई लेकिन सबसे ज्यादा खुशी यह जानकार हुई कितने सारे लोग मुझे चाहते हैं। घोषणा के तुरंत बाद से ही मुझे फोन आने लगे, मेसेज आने लगे। इस बात ने मुझे बताया कि लोग मुझसे कितनी मोहब्बत करते हैं।

लखनऊ से बाहर जाने पर लखनऊ को किस रूप में देखते हैं?

लखनऊ से होने के कारण मुंबई और अन्य जगहों पर जब भी जाता हूं तो मेरे दोस्त यहां की बिरयानी खूब मंगवाते हैं। मैं तो नॉनवेज खाता नहीं, लहसुन भी नहीं खाता लेकिन लोग हमसे खाना मंगवाना बिल्कुल नहीं भूलते। हमने कभी चिकनकारी का काम भी किया, इसीलिए हमारे घर का नाम भी चिकन महल है।

विज्ञापन

कभी किसी ने कहा, साइंस और थियेटर में एक चुनो?

एक बार मुझे कहा गया कि कहीं एक जगह फोकस कर लो, तब मैंने कहा कि मैं साइंस के प्रति अपनी ड्यूटी को कभी नहीं छोड़ता। साइंस के लिए अपना पूरा समय देने के बाद ही मैं अपने उस वक्त में थियेटर के लिए वक्त निकालता हूं जब बाकी लोग अपने घरवालों के साथ समय बिताते हैं। उसी थियेटर को दिए वक्त ने आज मुझे सब कुछ दे दिया।

लखनऊ की तवायफें हुआ करती थीं तहजीब का स्कूल

डॉ. अनिल रस्तोगी ने बातचीत के दौरान कहा कि लखनऊ अपनी तहजीब, नजाकत, नफासत और खानपान के लिए मशहूर है। यहां तक कि यहां की तवायफें भी इतनी तहजीबदार हुआ करती थीं कि सामान्य शिष्टाचार का सलीका सीखने के लिए रसूखदारों के परिवारों के बच्चों को उनके पास भेजा जाता था। वह दौर ही अलग था, आज वक्त बहुत बदल गया है। लखनऊ भी तेजी से बदल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed